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मुरझा रही फसलों को झड़ी से मिली संजीवनी, किसानों के चहेरे में आई खुशी

सावन में लगी झड़ी : मंगलवार रात को रुक-रुक कर हुई थी हल्की बारिश, बुधवार दिन भर झड़ी
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राजनंदगांव

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Nakul Ram Sinha

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Updated: 9 Aug 2018, 11:08 AM IST

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सावन की झड़ी... मंगलवार रात से बुधवार दिनभर रूक-रूक कर बारिश होती रही।

राजनांदगांव. मंगलवार रात व बुधवार को दिन भर रुक-रुक कर हुई झड़ी से मुरझा रहे फसलों को संजीवनी मिली है। दिन भर हुई बारिश से किसानों के चेहरे में खुशी लौट आई है। हालांकि किसान इस पानी को धान के बियासी के लिए पर्याप्त नहीं बता रहे हैं, लेकिन दरार पड़ रहे खेत व मुरझा रहे फसलों को बड़ी राहत मिली है।

रूक-रूक कर हुई बारिश से मिली खुशी
गौरतलब है कि इस साल भी जिले के कई हिस्सों में सावन लगने के बाद भी बारिश नहीं हो रही थी। बारिश नहीं होने से फसलों का ग्रोथ नहीं हो रहा था। वहीं खेतों में दरार पडऩे से फसलें मुरझा रही। मंगलवार रात व बुधवार को दिन भर रुक रुक कर हुई बारिश से मुरझा रहे फसलों को जीवनदान मिला है।

जिले में हो रही खंड वर्षा
जिले में इस साल खंड वर्षा हो रही है। कहीं -कहीं पर बारिश का अंकड़ा बहुत अधिक है । वहीं कही-कहीं पर बहुत कम। मंगलवार रात व बुधवार को दिन भर हुई झड़ी से बारिश के आंकड़े में डोंगरगांव में सबसे कम 4.4 एमएम, खैरागढ़ में 5.0 और राजनांदगांव में 5.2 एमएम है। वहीं सबसे अधिक अंबागढ़ चौकी में 18.2, मोहला में 15.2, छुरिया में 11.0 दर्ज की गई है। अन्य जगहों में सामान्य बारिश हुई है।

बियासी के लिए पर्याप्त पानी नहीं
बुधवार को हुई झड़ी से जहां फसलों में जान है, लेकिन यह बारिश धान के बियासी करने के लिए पर्याप्त नहीं है। बियासी के लिए झमाझम बारिश की जरुरत है। किसानों का कहना है कि इतने बारिश से मुरझा रहे फसल में रौनक लौटेगी, लेकिन बियासी के लिए तेज व अधिक पानी की जरुरत है। किसानों को धान बियासी के लिए और तेज बारिश की जरुरत है, क्योकि यह समय धान के बियासी के लिए बहुत उपयुक्त है। समय पर बियासी नहीं होने पर धान फसल के पैदावारी पर पूरा असर पड़ेगा। फिलहाल किसानों को तेज बारिश का इंतजार है।