
राजसमंद. नौचौकी के समीप ढाई करोड़ की लागत से बनने वाले गार्डन का निर्माण कार्य गुणवत्ता में उठे सवालों के बाद बंद कर दिया गया। बताया जाता है कि निर्माण कार्य के दौरान सफेद पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा था। जिसके चलते इसका विरोध हुआ है। दरअसल शहर की राजसमंद झील स्थित नौचोकी पाल पर पुरात्तत्व विभाग द्वारा गार्डन का निर्माण करवाया जा रहा है।
मंत्री ने कि या निरीक्षण
इस कार्य का लोकार्पण उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी द्वारा किया गया था। निर्माण कार्य की जानकारी लेने के लिए कुछ दिनों पूर्व ही मंत्री ने इस काम का निरीक्षण किया। इसके बाद से काम बंद है। हालांकि जिम्मेदार यह स्पष्ट रूप से नहीं बता रहे हैं कि मंत्री ने गुणवत्ता के बारे में कुछ कहा है।
हो रहा था सफेद पत्थर का इस्तेमाल
विभाग सस्ती दर मेें मिलने वाले सफेद पत्थर का इस्तेमाल कर रहा था। जबकि उन पत्थरों पर सीमेंट पकड़ नहीं करती है। क्योंकि पत्थर प्लेन और सपाट होते हैं। ऐसे में लोग चुनाई के लिए इन पत्थरों का उपयोग कम ही लेते हैं।
पुरानी दीवार भी ढही
कुछ समय पहले इन्हीं पत्थरों के इस्तेमाल की वजह से नौचौकी के पास की दीवार भी ढह गई है। ऐसे में सीधे तौर पर पता चलता है कि ये पत्थर कितने काम के है।
यह है योजना
पुरात्तत्व विभाग के अनुसार गार्डन का निर्माण करीब २.५० करोड़ की लागत से होना है। जिसमें सुविधा युक्त पार्किंग, टॉयलेट, पीने की टंकी, फव्वारे, गार्डन समेत कई तरह के सजावटी एवं सुविधा युक्त निर्माण कार्य किए जाने हैं।
हम नहीं करवा रहे काम
काम भारतीय पुरात्तत्व विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं है।
बृजेश रॉय, आयुक्त नगरपरिषद, राजसमंद
अभी काम बंद है..
उच्चशिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी के निरीक्षण के बाद काम बंद कर दिया है। अब महानिरीक्षक और मंत्री के सलाहनुसार कार्य किया जाएगा।
डॉ.वीएस बड़ीगर, अधीक्षण पुरातत्व विद, जोधपुर
गुणवत्ताहीन हो रहा है काम...
जो निर्माण कार्य किया जा रहा है वह गुणवत्ताहीन है। जिम्मेदार आंख बंद करके बैठे हैं। लोकार्पण कार्य केवल श्रेय लेने के लिए ही किए जा रहे हैं।
अशोक टांक, प्रतिपक्ष नेता नगरपरिषद, राजसमंद
Published on:
10 Apr 2018, 11:48 AM IST
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