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30 साल बाद भी नहीं बसा यह नगर, अब फिर से बसाने की कवायद

शहर में ट्रांसपोर्ट नगर को बसाने की कवायद पिछले 30 साल से चल रही है। पहले जमीन भी आवंटित हो गई थी, लेकिन कानूनी अड़चन के चलते उसे निरस्त कर दिया। इसके बाद नगर परिषद ने फिर से जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की है।

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हाईवे के किनारे खड़े ट्रक और ट्रेलर।

हिमांशु धवल

राजसमंद. व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बनाए जाने वाला ट्रांसपोर्ट नगर अब तक धरातल पर नहीं उतर पाया है। हालांकि इसके लिए करीब 30 साल पहले जमीन भी आवंटित की थी, किसी कारणों के चलते उस जगह को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से अब तक ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बन पाया है। शहर के निकट से गुजर रहे उदयपुर-जयपुर हाईवे स्थित रामेश्वर महादेव के निकट शहर के अंदुरुनी क्षेत्रों में संचालित ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1994-95 में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन आवंटित की गई थी। वहां पर ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित किया गया, लेकिन वह जमीन तालेड़ी के अन्तर्गत आने एवं न्यायालय के आदेश के चलते उस जमीन को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से ट्रांसपोर्ट नगर का मामला ठंडे बस्ते में चला गया। हालांकि एसोसिएशन एवं अन्य संगठनों की ओर से समय-समय पर ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए ज्ञापन आदि भी दिए गए, लेकिन आजतक इसके लिए जमीन का आवंटन आदि नहीं हो सका।

फैक्ट फाइल

  • : 45 से अधिक हुई थी आवंटित
  • : 500 से अधिक जिले में ट्रक
  • : 350 से अधिक ट्रेलर संचालित

मार्बल मंडी घोषित की हो चुकी घोषणा

राज्य सरकार की ओर से इस बजट में मार्बल मंडी की घोषणा की गई है। यदि यह घोषणा मूर्त रूप लेती है तो ट्रांसपोर्ट नगर होना आवश्यक होगा। इसके साथ ही यहां पर मार्बल, ग्रेनाइट, फेल्सपार सहित अन्य खनिज की खदाने ंहोने के कारण प्रतिदिन मार्बल-ग्रेनाइट के ब्लॉक अजमेर, किशनगढ़ और रूपनगढ़ आदि जाते हैं। साथ ही ट्रांसपोर्ट की गाडिय़ां गुजरात, महाराष्ट्र और एमपी आदि की ओर जाती है।

नगर परिषद ने फिर शुरू की कवायद

नगर परिषद की ओर से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए फिर से कवायद शुरू की है। इसके तहत करीब 40 बीघा जमीन की आवश्यकता है। इसके लिए भीलवाड़ा रोड और उदयपुर-जयपुर हाईवे पर जमीन देखी जा रही है। नगर परिषद की खुद की जमीन नहीं होने की स्थिति में सरकार से जमीन आवंटित कराने का प्रयास किया जाएगा।

यह होता है ट्रांसपोर्ट नगर

जानकारों के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को दुकानें एवं गोदाम के साथ ही रिपेयरिंग की दुकानें, स्पेयर पाट्र्स की दुकानें, कैफेटेरिया और पार्किंग के लिए भी स्पेस उपलब्ध कराया जाता है। वहीं पर ट्रक और ट्रेलर की लोडिंग और अनलोडिंग की जाती है, जिससे शहर के अंदुरुनी क्षेत्रों में छोटे वाहनों से सामना को भेजा जा सके ्और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा भी नहीं होगी।

ट्रांसपोर्ट नगर के लिए कर रहे जमीन चिन्हित

जिला मुख्यालय पर ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन देख रहे हैं। पहले जमीन आवंटित थी, लेकिन वह तालेड़ी की होनी एवं न्यायालय आदेश के चलते नगर परिषद से वापस ले ली गई थी।

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  • तरूण बाहेती, एक्सईएन नगर परिषद

कई बार कर चुके ट्रांसपोर्ट नगर की मांग

जिला मुख्यालय पर ट्रांसपोर्ट नगर बनना चाहिए। इसके लिए कई बार जिला कलक्टर को भी ज्ञापन दे चुके हैं। पहले भी जमीन आवंटित हुई थी, लेकिन उसका भी कुछ नहीं हुआ।

  • महेन्द्र सिंह चौहान, अध्यक्ष दी राजसमंद ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

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