Video: Rampur के नवाब ने भारत सरकार को दे दी थी तोपें और बम, 'महल' से अब भी निकल रहे हैं सोने और चांदी जड़े हथियार

Highlights

  • नवाब रजा अली खान की संपत्ति की बन रही रिपोर्ट
  • 72 साल से बंद पड़ी कोठी खासबाग में मिले हजारों हथियार
  • दो दिन से लगातार इसी इमारत में चल रहा है सर्च अभियान

रामपुर। रामपुर (Rampur) रिसात के आखिरी नवाब रजा अली खान की निजी शस्त्रग्रह की एक अलमारी खुली तो सबके होश उड़ गए। एक अलमारी से भारी तादात में देसी और विदेशी हथियार मिले हैं। उनमें कुछ हथियार बेहद खास किस्म के हैं। ये सोने-चांदी से जड़े हुए हैं। माना ये जा रहा है कि अभी काफी हथियार बंद पड़ी इस इमारत के शस्त्र ग्रह से मिलेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

नवाब परिवार के सदस्यों की संपत्ति बंटवारे को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आदेश दिए थे। इस पर कोठी खासबाग की बंद पड़ी इमारत की संपत्ति की रिपोर्ट तैयार करने के लिये जिला जज ने कई वकीलों की एक टीम, सीओ (CO) और एक डिप्टी कलेक्टर को शामिल किया है। उनकी मौजूदगी में कोठी के अंदर मिल रहे सामान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रामपुर में सौ एकड़ में नवाबों की जमीनें हैं। साथ ही अरबों रुपयों की इमारतें हैं। उनमें सबसे खास कोठी खासबाग की इमारत है। यह तकरीबन 72 साल से बंद पड़ी है। दो दिन से लगातार इसी इमारत में सर्च अभियान चल रहा है।

संपत्ति का चल रहा है विवाद

नवाब काजिम अली खान के वकील संदीप सक्सेना का कहना है कि नवाब परिवार के सदस्यों का आपसी संपत्ति विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने यहां की जज को एक आदेश किया है कि संपत्ति आकलन की रिपोर्ट तैयार करके भेजें। इसी क्रम में रोजाना पुरानी इमारतों को खंगाला जा रहा है। कोठी खासबाग में अभी यह काम चल रहा है। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट सर्वेश गुप्ता ने बताया कि जिला जज के आदेश पर एक कमेटी बनी है। इसमें कई एडवोकेट हैं। एक डिप्टी कलेक्टर के अलावा सीओ भी लगाए गए हैं। उनकी मौजूदगी में सामान खंगाला जा रहा है। उसकी रिपोर्ट तैयार करके वे जिला जज को भेजेंगे। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट जाएगी। इमारत में उनका निजी शस्त्र ग्रह था। उसकी अभी एक अलमारी खुली है। बाकी कई अलमारियां अभी खुलनी बाकी हैं। अलमारी से कई देसी ओर विदेशी हथियार मिले हैं। उनमें कुछ हथियारों पर सोना और चांदी भी जड़ा है। ये सब उनके निजी हथियार बताए जा रहे हैं। हथियारों को लेकर अब कोर्ट ही तय करेगी कि इन हथियारों को अब कहा रखा जाएगा।

यह कहा इतिहासकार ने

इतिहासकार शौकत अली खान ने कहा कि जब नवाबों की रियासतों का भारत सरकार में विलय होना था तो रामपुर सबसे आगे रही थी। रामपुर की रियासत सबसे पहले भारत सरकार में विलय हुई थी। नवाब रजा अली खान के पास खरबों की सपंत्ति थी। उस समय उन्‍होंने बम, तोप, गोलें, घोड़े, हाथी और भवन सरकार को सौंप दिए। रजा लाइब्रेरी को संस्‍कृति मंत्रालय को सौंप दिया गया है। वे पहले ही कई हथियार सरकार को भी दे चुके हैं।

sharad asthana
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