
आजम खान के खिलाफ रामपुर की सड़कों पर उतरे दर्जनभर संगठनों ने आयोग से की ये बड़ी मांग, देखें वीडियो-
रामपुर. जय प्रदा पर विवादित बयान देकर 72 घंटे का प्रतिबंध झेल रहे आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। निर्वाचन आयोग ने जहां उन्हें एक आैर नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे में जवाब तलब किया है। वहीं उनके गृह जनपद में ही आजम खान का विरोध शुरू हो गया है। विश्व हिंदू परिषद के साथ दर्जनों हिंदू संगठनों ने सड़क पर उतरते हुए प्रदर्शन किया है।
फिल्म अभिनेत्री और रामपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा के खिलाफ 'खाकी अंडरवीयर' की टिप्पणी को लेकर हिंदू संगठनों ने मंगलवार को सड़क पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया है। रामपुर में विहिप के साथ दर्जनों हिंदू संगठनों ने आजम खान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया है। इस दौरान हिंदू संगठन के लोगों ने कहा कि यहां अब समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं है। उत्तर प्रदेश और देश में भाजपा की सरकार है। किसी भी महिला के साथ किसी तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आजम खान को चेतावनी देते हुए कहा कि आजम खान अपनी इस गलत बयानबाजी के लिए माफी मांगें। साथ ही भविष्य में ऐसी हरकत न करें। उन्होंने जिस तरह की भाषा बोली है उसके लिए उन्हें पूरे देश के सामने माफी मांगनी होगी।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि आजम खान को जल्द माफी मांगनी होगी और अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी तो हम भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि आजम पहले भी महिलाओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी कर चुके हैं। इसलिए उन पर लगाम लगना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आजम खान को भी महिला ने ही जन्म दिया है और आज वह महिलाओं के खिलाफ ही गलत टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने आजम खान को चुनाव से वंचित करने की मांग को लेकर आजम खान चोर है के नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट तक जुलूस भी निकाला। जहां पहुंचकर जिला निर्वाचन अधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा।
चुनाव आयोग ने 24 घंटे के अंदर मांगा जवाब
इधर, तीन दिन का प्रतिबंध झेल रहे आजम खान को चुनाव आयोग ने एक नया कारण बताओ नोटिस भेजा है। चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करते हुए साफ कहा है कि वह 24 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब दें। आयोग ने कहा है कि आजम खान प्रथम दृष्टया आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के दोषी हैं। साथ ही आयोग ने आजम टिप्पणियों का उदाहरण भी दिया है। आयोग ने नोटिस में लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लोक सभा चुनाव के दौरान बयानबाजी में धर्म या जाति का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। नोटिस में कहा गया है कि आयोग ने मामले पर उपलब्ध सामग्री और वर्तमान निर्देशों पर विचार करते हुए बयानों के संबंध में आपको अपना रुख स्पष्ट करने के लिए एक मौका दिया जा रहा है। आपको 24 घंटे के अंदर इस नोटिस का जवाब देना होगा। अगर आपने ऐसा नहीं किया तो आयोग आपको सूचित करे बगैर ही निर्णय करेगा।
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Published on:
17 Apr 2019 12:07 pm
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