
रामपुर. ये सच है कि सिर्फ पंखों से उड़ान नहीं होती, उड़ान तो हौसल से होती है। दिव्यांग बच्चे सलीम और फैजान इन पक्तियों साकार कर रहे हैं। फैजान के हाथ लकवाग्रस्त हैं, इसलिए वह मुंह से लिखता है। हाथ न होने की वजह से सलीम पैर से लिखता है। सलीम ने 50 मीटर दौड़ प्रतियोगिता जीतने के साथ ही लोगों का दिल भी जीत लिया था।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ था आयोजन
दरअसल, दिव्यांग बच्चों की जिला स्तरीय बाल शैक्षिक एवं क्रीड़ा प्रतियोगिता महात्मा गांधी स्टेडियम कराई गई थी। इस प्रतियोगिता में दिव्यांग बच्चों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन कई बच्चों ने प्रतियोगिता जीतने के साथ ही लोगों का दिल भी जीत लिया। कंपोजिट विद्यालय घाटमपुर के कक्षा दो के छात्र वसीम ने प्राथमिक स्तर की 50 मीटर दौड़ प्रतियोगिता जीत ली। उसके दोनों हाथ नहीं है। इस कारण वह पैर से लिखता है।
अधिकारियों ने की हौसला अफजाई
इस प्रतियोगिता में अतिथि के रुप में आए जिला प्रोबेशन अधिकारी लव कुश भार्गव और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना सिंह के सामने वसीम ने अपने पैर से कापी पर अपना नाम लिखकर दिखाया। दोनों अधिकारियों ने वसीम के जज्बे को सलाम करते हुए उसकी जमकर हौसला अफजाई की।
करंट से झुलसने के बाद काट दिए गए थे दोनों हाथ
वसीम के दोनों हाथ बिजली के करंट से झुलसने के बाद काट दिए गए थे। प्राथमिक विद्यालय मगरमऊ के फैजान के हाथ बचपन से ही लकवाग्रस्त हैं। इस कारण वह मुंह से लिखता है। उसने भी अफसरों के सामने मुंह से लिखकर दिखाया।
जनपद का नाम रोशन करेंगे बच्चे
जिला प्रोबेशन अधिकारी लव कुश भार्गव ने दिव्यांग बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों के अंदर प्रतिभाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये बच्चे एक दिन जनपद का नाम रोशन करेंगे।
विशेष शिक्षा दे रहे हैं शिक्षक- बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना सिंह ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षक इन बच्चों को सफल बनाने के लिए विशेष शिक्षा दे रहे हैं। समेकित शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों को कई प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं, जिसका सभी अभिभावकों को लाभ उठाना चाहिए।
Updated on:
06 Dec 2021 05:09 pm
Published on:
06 Dec 2021 05:04 pm
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