
छात्रों के आंदोलन के आगे झुकी सोरेन सरकार!
JPSC JSSC Protests Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 16 दिनों से जारी छात्रों के जोरदार आंदोलन का असर आखिरकार देखने को मिला है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, राज्य की सोरेन सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है। बातचीत के दौरान सरकार का रुख सकारात्मक रहा है और छात्रों की सबसे बड़ी मांग यानी 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) को रद्द करने पर आम सहमति बन गई है। हालांकि, इन फैसलों पर आधिकारिक मुहर लगना अभी बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मामले की CID जांच 90 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। जांच के दौरान छात्रों की ओर से सौंपे गए दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य सबूतों की बारीकी से जांच की जाएगी। CID इन्हीं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पूरी पड़ताल करेगी और अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी।
परीक्षा प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर हुए पैसों के लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस पहलू की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर सहमति बनी है। ED यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित गड़बड़ी में कहीं अवैध तरीके से पैसों का लेनदेन तो नहीं हुआ और अगर हुआ है तो इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
छात्रों की मांग केवल एक परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरी भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार चाहते हैं। इसके मद्देनजर झारखंड सरकार 'JPSC सुधार' के लिए एक विशेष कमेटी का गठन करने जा रही है। इस कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों और जाने-माने शिक्षाविदों को शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य की परीक्षाओं को पारदर्शी बनाया जा सके।
रांची में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद यह सहमति बनी है। यद्यपि 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने, ED-CID जांच और कमेटी गठन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बात बन चुकी है, लेकिन अब सभी की नजरें सरकार की ओर से होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
Updated on:
09 Aug 2026 04:21 pm
Published on:
09 Aug 2026 04:21 pm
