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पांच महिलाओं के हत्याकांड मामले में 11 दोषियों को उम्रकैद

रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र अंतर्गत कनीतिया गांव में 8 अगस्त 2015 को पांच महिलाओं की सामूहिक नृशंस हत्या के मामले में गुरुवार को 11 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई
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रांची

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Shailesh pandey

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Updated: 2 Aug 2018, 3:42 PM IST

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(रवि सिन्हा की रिपोर्ट)
रांची। अदालत ने झारखंड राज्य के रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र अंतर्गत कनीतिया गांव में 8 अगस्त 2015 को पांच महिलाओं की सामूहिक नृशंस हत्या के मामले में गुरुवार को 11 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं 28 अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया। रांची के अपर न्यायायुक्त एसएस प्रसाद की अदालत ने अलग-अलग दर्ज चार प्राथमिकी में शामिल 39 अभियुक्तों पर यह फैसला सुनाया।

एक केस की सजा खत्‍म होने पर दूसरे केस की सजा


अदालत ने चारों मामले में शामिल आरोपियों में से 11 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। शेष को बरी कर दिया गया। अदालत ने दोषियों को अलग- अलग धाराओं में सजा सुनाई है। इसमें सबसे अधिक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। दोषियों पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने कहा सभी धाराओं की सजाएं एक साथ चलेंगी। लेकिन जिन दोषियों को चारों मामले में सजा सुनाई गई, उनकी एक केस की सजा खत्म होने पर पर दूसरे केस की सजा चलेगी। मामले के एक अभियुक्‍त का निधन हो गया है और दो नाबालिगों का ट्रायल किशोर न्याय
बोर्ड में चल रहा है।

पीटकर की थी हत्‍या


गौरतलब है कि 8 अगस्त 2015 की झारखंड राज्य के रांची जिले के आधी मांडर थाना क्षेत्र अंतर्गत कनीतिया गांव में रात डायन बिसाही कुप्रथा की वजह से ग्रामीणों ने 5 महिलाओं की हत्या कर दी थी। जिन महिलाओं की हत्या की गई थी उसमें मदनी खलखो, एतवरिया खलखो, जसिंता खलखो, तेतरी खलखो और रतिया खलखो शामिल थीं। इन महिलाओं को निर्वस्त्र कर लाठी डंडे से पीटकर और पत्थर से कूचकर हत्या की गई थी। मामले को लेकर मांडर थाने में अलग-अलग 4 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद आरोपियों की धरपकड का अभियान चलाया गया था। अदालत में सुनवाई के बाद यह फैसला आया है।