
Amavasya ke upay
रतलाम। आगामी 4 फरवरी को साल की सबसे बड़ी अमावस है। ये दिन मौनी अमावस के साथ-साथ सोमवती अमावस के रुप में रतलाम सहित देश व दुनिया में मनाया जाएगा। इस दिन भगवान हनुमान की विशेष तरीके से की गई आराधना हर इच्छा को पूरी करता है। ये बात रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी व केरल की तंडी ज्योतिष विद्या के जानकार वीरेंद्र रावल ने कही। वे भक्तों को रविवार सुबह अमावस व हनुमान की के मंत्र से किए जाने वाले उपाय के बारे में बता रहे थे।
ज्योतिषी रावल ने कहा कि अमावस के दिन राहु केतु के उपाय तो होते ही है इसके साथ-साथ पित्र दोष का निवारण भी हनुमान के मंदिर में जाकर आसानी से स्वयं के द्वारा किया जा सकता है। इसके लिए न तो खर्चीली पूजा सामग्री की जरुरत होती है न महंगे दान दक्षिणा की। बस इसके लिए आस्था, लगन के साथ पूर्ण श्रद्धा रखना होता है। हनुमान चालिसा, हनुमान संकट मौचक, बजरंग बाण, साठिका आदि के पाठ करने से अनेक प्रकार की समस्या से निवारण मिलता है।
पीपल का है बड़ा महत्व
अमावस के दिन पीपल व बड़ के वृक्ष का बड़ा महत्व है। अगर आपको धन की कमी है या नौकरी नहीं है तो इस बाधा को दूर करने के लिए बड़ के वृक्ष में शाम को भगवान विष्णु-लक्ष्मी के नाम का दीपक लगाकर व प्रसादी आदि चढ़ाकर उनके नाम से 108 परिक्रमा करना चाहिए। ये उपाय करने से जल्दी सफलता मिलती है। इसके अलावा शनि का प्रकोप हो या राहु केतु की परेशानी हो तो चमेली के तेल का दीपक पीपल के वृक्ष में शाम को लगाना चाहिए। ये उपाय करके पीपल की 108 परिक्रमा करना चाहिए। अगर पित्र दोष हो या कालसर्प दोष हो तो अमावस के दिन सुबह हनुमान मंदिर में गुड़ चना की प्रसाद के साथ एक नारियल चढ़ाकर पीपल के वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करना चाहिए। इससे दोष दूर होता है।
इन मंत्र को करें 108 बार
यश पाने के लिए--ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमितविक्रमाय प्रकट-पराक्रमाय महाबलाय सूर्यकोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।
शत्रु पराजय के लिए- ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय रामसेवकाय रामभक्तितत्पराय रामहृदयाय लक्ष्मणशक्ति भेदनिवावरणाय लक्ष्मणरक्षकाय दुष्टनिबर्हणाय रामदूताय स्वाहा।
शत्रु पर मोहिनी के लिए--ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहरणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
मन के दु:ख निवारण के लिए--ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय आध्यात्मिकाधिदैवीकाधिभौतिक तापत्रय निवारणाय रामदूताय स्वाहा।
विशेष मनोकामना के लिए--ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय देवदानवर्षिमुनिवरदाय रामदूताय स्वाहा।
धन प्राप्ती के लिए--ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय भक्तजनमन: कल्पनाकल्पद्रुमायं दुष्टमनोरथस्तंभनाय प्रभंजनप्राणप्रियाय महाबलपराक्रमाय महाविपत्तिनिवारणाय पुत्रपौत्रधनधान्यादिविधिसम्पत्प्रदाय रामदूताय स्वाहा।
शत्रु से रक्षा के लिए--ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय वज्रदेहाय वज्रनखाय वज्रमुखाय वज्ररोम्णे वज्रदन्ताय वज्रकराय वज्रभक्ताय रामदूताय स्वाहा।
अज्ञात भय दूर करने के लिए--ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय परयन्त्रतन्त्रत्राटकनाशकाय सर्वज्वरच्छेदकाय सर्वव्याधिनिकृन्तकाय सर्वभयप्रशमनाय सर्वदुष्टमुखस्तंभनाय सर्वकार्यसिद्धिप्रदाय रामदूताय स्वाहा।
समस्या समाधान के लिए--ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय पच्चवदनाय पश्चिममुखे गरुडाय सकलविघ्ननिवारणाय रामदूताय स्वाहा।
Published on:
03 Feb 2019 07:02 am
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
