7 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अपना भविष्य जानने उमड़े लोग, खुद से ज्यादा बच्चों के भविष्य की चिंता जताई

अपना भविष्य जानने उमड़े लोग, खुद से ज्यादा बच्चों के भविष्य की चिंता बताई
2 min read
Google source verification

रतलाम

image

Akram Khan

Jul 09, 2018

patrika

अपना भविष्य जानने उमड़े लोग, खुद से ज्यादा बच्चों के भविष्य की चिंता बताई

रतलाम। सर, ये मेरे बेटे की कुंडली है, क्या ये डॉक्टर बन पाएगा, पंडित जी मेरे पति को कोई काम नहीं जम पा रहा, गुरुजी घर में शांति नही रहती, आपका राहु खराब है, पीपल में जल चढ़ाओं, लाभ होगा। ये संवाद चला रविवार को ज्योतिष शिक्षण जनकल्याण समिति के नि:शुल्क ज्योतिष परामर्श शिविर के दौरान। शिविर में दिनभर में दो हजार से अधिक लोग अपनी कुंडली लेकर पहुंचे। देश के दो राज्यों से पहुंचे ज्योतिषियों को कुंडली दिखाने के लिए सुबह से भीड़ उमड़ी। इस दौरान अनेक लोग अपने बच्चों के भविष्य को खुशहाल बनाने के लिए सवाल करते नजर आए। वे लोग जिनके पास स्वयं की कुंडली नहीं थी या जिनको अपने जन्म का समय याद नहीं था, वे हस्त रेखा विशेषज्ञों के पास जाकर चर्चा करते नजर आए। सभी ने अपनी बात भी रखी।

शिविर में इन्होंने दी अपनी सेवाएं

शिविर में गुजरात के अहमदाबाद के योगेश आसरा, मध्यप्रदेश के भोपाल से राजकुमार शर्मा, मंदसौर जिले के सुआसरा से रामदयाल पांडे, महाकाल की नगरी उज्जैन से डॉ. भारती वर्मा, धार के करीब राजोद से रमेश पंड्या, रतलाम जिले के जावरा से पुष्पेंद्र शर्मा, गढ़कालिका के शहर उज्जैन से वंदना कुमारी, आदिवासी क्षेत्र झाबुआ के थांदला से द्वारिका प्रसाद शर्मा, चंबल क्षेत्र के ग्वालियर से प्रशांत चतुर्वेदी के अलावा कालभैरव के शहर उज्जैन से डॉ. विनिता नागर, रतलाम के वीरेंद्र रावल, श्रेया जैन ने आमजन को ज्योतिष विद्या से सलाह दी। अंत में ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर ने शिविर का समापन किया। अंत में ज्योतिषियों को विधायक ने स्मृति चिन्ह दिए। आयोजन समिति के जितेंद्र नागर, जीवन पाठक, धर्मेंद्र व्यास ने बताया कि दिसंबर माह में ज्योतिषियों के सम्मेलन की योजना पर कार्य चल रहा है।

मेरे देश के नाम खत लिखो, ५० हजार रुपए जीतो

रतलाम। मोबाइल युग ने पत्र लेखन के प्रति रुचि को समाप्त कर दिया है। एेसे में अब पत्र लिखने के लिए रुचि बढ़ाने को डाक विभाग प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। इसके लिए पूर्व में अंतिम तारीख १५ अगस्त थी, जिसको बढ़ाकर अब ३० सितंबर कर दिया गया है। इसमे विषय को बदलते हुए मेरे देश के नाम खत किया गया है। इसमे राज्य के विजेता को २५ व राष्ट्रीय विजेता को ५० हजार रुपए दिए जाएंगे। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष २०१८-१९ के लिए ढ़ाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इसके लिए अंतिम तारीख ३० सितंबर की तय की गई है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए विभाग ने स्कूल संचालकों से भी मदद मांगी है।