
रतलाम। जिला सत्र न्यायाधीश मृत्युजंय सिंह की कोर्ट ने छेड़छाड़ के मामले में दो आरोपी में एक आरोपी को तीन वर्ष सश्रम कारावास की मंगलवार को सजा सुनाई है, जबकि दूसरे को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए हैं।
डीडीपी एसके जैन ने बताया कि १३ मार्च २०१७ को बडिया गोयल हाई सैकंड्री स्कूल की दसवी कक्षा की छात्रा ने बड़ावदा थाने में शिकायत दी थी कि बड़ावदा से आठ किलोमीटर दूर रूग्गानाथ डांगी के मकान के सामने स्कूल से किराना दुकान पर जा रही थी। दुकान के सामने दशरथ पिता जगदीश चौधरी और उसके साथी दिलीप पिता नागू खारोल छेड़छाड़ कर अश्लील कमेंट किए। वह दुकान से सामान लेकर लौट रही थी तो दशरथ ने उसका बुरी नियत से हाथ पकड़ लिया। वह चिल्लाई तो गाली दी और घर तक पीछा करता आ गया। मां और भाई को बताया। पिता को खेत पर से बुलाकर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने छेड़छाड़ और पास्को एक्ट में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की थी। कोर्ट ने मामले में दिलीप को साक्ष्य के अभाव में बरी कर आरोपी दशरथ को पास्को एक्ट के तहत तीन वर्ष सश्रम करावास की सजा सुनाई है।
मारपीट के मामले में एक साल की सजा
रतलाम। जेएएमएफसी पल्लवी की कोर्ट ने मारपीट के मामले में दोप पक्ष के चार आरोपियों को मंगलवार को एक वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
एडीओपी जस्सु वास्केल ने बताया कि शमसू ने शासकीय जमीन पर हाट रोड नाला व आम रास्ते पर कब्जा कर रखा है। फरियादी युसुफ शाह पिता हुसेन शाह ने नगर निगम में शिकायत की थी। १९ अगस्त २०१४ को शमसुद्दीन ने फरियादी से गाली-गलोज की और मारपीट की। सलीम व राजा ने बीच-बचाव किया। मारपीट में युसुफ शाह के छाती और दाहिनी पसली में फ्रैक्चर हुआ था। पुलिस ने आरोपी शमसुद्दीन पिता हकीम शाह निवासी नयापुरा के खिलाफ मारपीट में प्रकरण दर्ज किया था। जिसमें कोर्ट ने आरोपी को एक साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दूसरी ओर से फारूख ने सरकारी नाले पर फर्शी रख दी । जिससे बरसात का पानी रूक गया। इस पर फारूख ने शमसुद्दीन के खिलाफ झूठी शिकायत की थी। इस बात पर १९ अगस्त २०१४ को फारूख, गब्बर व आमना बी फरियादी शमसु को गालियां दे रहे थे। मना करने पर मारपीट की बीच-बचाव में सलामत को भी चोट लगी। मंजू कुरैशी व इर्शाद ने बीच-बचाव किया। शमसुद्दीन के पसली में बाई तरफ फ्रैक्चर और सलावत के अंगूठा फ्रैक्चर हुआ था। कोर्ट ने आरोपी फारूख शाह, युसुफ शाह व अमना बी को मारपीट में एक साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
राकेश गुप्ता उज्जैन रेंज आइजी, एडीजी मधुकुमार का तबादला
उज्जैन. उज्जैन में एसपी, सिंहस्थ में डीआइजी रहे राकेश गुप्ता का उज्जैन रेंज आइजी बनाया गया है। इंदौर में स्पेशल आम्र्स फोर्स में आइजी गुप्ता की महज डेढ साल में ही उज्जैन में पदस्थी हो गई है। वहीं पांच वर्षों से उज्जैन रेंज के एडीजी वी मधुकुमार का भोपाल स्थानांतरण हुआ है। उन्हें आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ में अतिरिक्त महानिदेशक बनाया गया है। राज्यशासन ने मंगलवार को आइपीएस अफसरों के स्थानांतरण की सूची जारी की। इसमें १९९९ बैच के आइपीएस राकेश गुप्ता को उज्जैन रेंज का आइजी बनाया गया है। गुप्ता इससे पहले २०११ से २०१३ तक उज्जैन एसपी रहे हैं, वहीं सिंहस्थ २०१६ में डीआइजी के रूप में पदस्थी हुई है। पत्रिका से चर्चा में आइजी राकेश गुप्ता ने बताया कि बाबा महाकाल ने फिर से सेवा का मौका दिया है। दो-चार दिन में ज्वाइन करूंगा
सबसे लंबे समय तक आइजी रहे मधुुकुमार
तबादलों में उज्जैन रेंज आइजी वी मधुकुमार को अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठा भोपाल में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर भेजा गया है। वे उज्जैन रेंज में आइजी के पद पर सबसे ज्यादा समय छह वर्ष तक रहने वाले आइपीएस है। वे १८ मार्च २०१३ को उज्जैन आइजी पदस्थ हुए थे। यहीं पर वे एडीजी के पद पर पदोन्नत पर हुए हैं।
Published on:
09 May 2018 06:08 pm
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