मन्दिर पुजारी सत्यनारायण बैरागी ने बताया कि 12 वीं सदी में निर्मित मंदिर के पोल व मंदिर के आस-पास बनी आकृतियां देखने लायक हैं। गर्भगृह में पंचमुखी शिवलिंग है। उसके ऊपर महाकाल विराजित हैं। यहां मां पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय, हनुमान भी विराजित हैं। मंदिर में जो खंबे हैं उन्हें अभी तक एक बार में कोई नहीं गिन पाया है। जब भी गिने जाते हैं तो उनकी गिनती अलग—अलग आती है।