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Ratlam News: खरीदने के 18 दिन बाद ई-स्कूटी में विस्फोट, मां और दो बेटियां झुलसीं

E Scooter Blast: 31 जुलाई को खरीदी थी ई-स्कूटी, ब्लास्ट के बाद लगी आग घर में भी फैली, घर का पूरा सामान जलकर खाक।
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ratlam e scooty blast

e scooter blast mother two daughters injured, जली हुई ई-स्कूटी (Source-Patrika)

Ratlam E Scooter Blast: मध्यप्रदेश के रतलाम में बुधवार सुबह उस वक्त बड़ा हादसा हो गया जब शहर के कनेरी रोड पर स्थित विंध्यवासिनी कॉलोनी के एक मकान में रखी ई-स्कूटी में ब्लास्ट हो गया। ई-स्कूटी घर के अंदर रखी हुई थी और जब उसमें विस्फोट हुआ तो घर में महिला के साथ उसकी दोनों बेटियां मौजूद थीं, तीनों आग में झुलस गईं हैं। ब्लास्ट के बाद भड़की आग ने घर को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण घर में रखा पूरा सामान जलकर खाक हो गया।

अचानक ब्लास्ट हुआ और घर में लगी आग

कनेरी रोड स्थित विंध्यवासिनी कॉलोनी में बुधवार तड़के इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और घर में आग लग गई। हादसे में घर में सो रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिंदुकुंवर (36) और उनकी दो बेटियां अंतिमकुंवर (16) व विजयलक्ष्मी (19) झुलस गईं। आग की चपेट में आने से घर में रखा अधिकांश घरेलू सामान भी जलकर खाक हो गया। आग लगने के बाद तीनों घर में ही घिर गई और करीब 10 मिनट तक अंदर ही रहीं। बड़ी बेटी विजयलक्ष्मी ने सीढ़ी से चढ़कर टॉवर का दरवाजा खोला और बहन और मां को ऊपर ले गई, और फिर पड़ोसी की छत के सहारे तीनों नीचे उतरे।

देखें वीडियो-

दोनों बेटियां इंदौर रेफर

विस्फोट और शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी पहुंचे और डायल 112 और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। घायल मां व दोनों बेटियों को पहले जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक बिंदुकुंवर और अंतिम ज्यादा झुलसी हैं, जबकि विजयलक्ष्मी के पैर आग से झुलसे हैं। दोपहर बाद दोनों बेटियों बिंदुकुंवर और अंतिमकुंवर को इंदौर रेफर किया गया है।

31 जुलाई को खरीदी थी स्कूटी

पीड़ित के परिजन वीरेंद्र सिंह के अनुसार पांच माह पहले किस्तों में विंध्यवासिनी में मकान खरीदा था और गत 31 जुलाई को ही इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। बिंदुकुंवर पेटलावद के गुणावद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्य करती हैं। इसी नौकरी से वे जैसे-तैसे अपनी दोनों बेटियों के साथ परिवार चला रही थीं।

सोने से पहले निकाला था चार्जिंग पिन

घायल बिंदुकुंवर ने बताया कि रात में सोने से पहले उन्होंने स्कूटी की पिन आदि निकाल दी थीं और स्कूटी घर के हॉल में ही खड़ी की थी। उसी हॉल में वो अपनी बेटियों के साथ सो रही थीं, तड़के साढ़े तीन से चार बजे के बीच अचानक ही आग लग गई। गर्मी महसूस हुई तो नींद खुली। देखा तो स्कूटी जल रही थी और घर में धुआं ही धुआं हो गया था।