
जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई (एमसीएच) में गर्भवती महिलाओं, नवप्रसूताओं और गंभीर मरीजों को ऊपरी मंजिलों पर आने-जाने में अब होगी सुविधा। लिफ्ट के बंद होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को सीढिय़ों का उपयोग करना पड़ता था।
रतलाम। अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं, नवप्रसूताओं और गंभीर मरीजों को ऊपरी मंजिलों तक आने-जाने में हो रही अत्यधिक असुविधा से अब बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई (एमसीएच) में पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी मुख्य लिफ्ट को मरम्मत के बाद अब फिर से संचालित कर दिया है।
लिफ्ट के बंद होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को सीढिय़ों का उपयोग करना पड़ता था, जो विशेषकर शारीरिक रूप से कमजोर और गंभीर रोगियों के लिए बेहद कष्टप्रद था। सिविल सर्जन एपी सिंह के निरंतर प्रयासों के चलते इस महत्वपूर्ण समस्या का तत्काल संज्ञान लिया गया। उनके निर्देश पर लिफ्ट की आवश्यक तकनीकी जांच की गई, सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया और समुचित रखरखाव कार्य पूर्ण करने के बाद इसे मरीजों व उनके परिजनों के लिए विधिवत शुरू कर दिया गया है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में हुआ कार्य
सिविल सर्जन एपी सिंह ने बताया कि कलेक्टर अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन में यह कार्य संभव हो पाया है। उन्होंने स्वीकार किया कि लिफ्ट का लंबे समय से बंद रहना मरीजों के लिए बेहद कष्टदायी था, जिसे कलेक्टर के निर्देशन व सहयोग से सुचारु किया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए लिफ्ट के नियमित रखरखाव की स्थायी व्यवस्था की है।
लिफ्ट का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार करें
लिफ्ट चालू होने से अब स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के माध्यम से मरीजों के आवागमन में काफी सुगमता आएगी, जिससे आपातकालीन स्थितियों में भी त्वरित सेवा मिल सकेगी। अस्पताल प्रबंधन ने आमजन और मरीजों से आग्रह किया है कि वे लिफ्ट का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार करें एवं अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करें।
मरीजों के लिए लिफ्ट का महत्व
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में लिफ्ट का चालू होना मरीजों के लिए अपूर्व सुविधा है। गर्भवती महिलाओं, नवप्रसूताओं और गंभीर रोगियों को ऊपरी मंजिलों पर ले जाने में यह सहायक होती है। आपातकालीन स्थितियों में त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए भी लिफ्ट अत्यंत आवश्यक है। यह मरीजों के साथ-साथ अस्पताल स्टाफ और परिजनों के शारीरिक श्रम को कम करती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। लिफ्ट सुविधा से अस्पताल परिसर में आवागमन सुगम और सुरक्षित बनता है।
Updated on:
18 Aug 2026 10:47 pm
Published on:
18 Aug 2026 10:40 pm
