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कमाल के बच्चे, आंखों पर पट्टी बांधकर खेलते हैं मोबाइल गेम, पढ़ते हैं किताब

mp news: 1 साल की प्रैक्टिस के बाद बच्चों की खुली तीसरी आंख, पिता से मिली प्रेरणा...।

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mp news: क्या बंद आंखों से किताब पढ़ी जा सकती है, मोबाइल पर गेम खेला जा सकता है..ये सवाल इसलिए क्योंकि मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में दो बच्चे ऐसे हैं जो ये काम बहुत ही अच्छे तरीके से करते हैं। इतना ही नहीं आंखों पर पट्टी होने के बावजूद ये बच्चे साइकिल चला लेते हैं, क्रिकेट खेल लेते हैं और स्केटिंग भी कर लेते हैं। महज 11 और 9 साल की उम्र के इन भाई बहन को ऐसा करते देख जो कोई भी देखता है वो हैरान रह जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं इन दो कमाल के बच्चों के बारे में…।

देखें वीडियो-

हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की जावरा तहसील के ढोढर गांव में रहने वाले अंशिका और रूद्राक्ष मोदी के बारे में। अंशिका की उम्र महज 11 साल है और रूद्राक्ष 9 साल का है। दोनों भाई-बहन अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर हर वो काम कर लेते हैं जो हम और आप के लिए नामुमकिन हैं। पत्रिका से बात करते हुए अंशिका और रुद्राक्ष के पिता प्रेमनारायण मोदी ने बताया कि बहुत ही कम समय में उनके बच्चों ने अपनी तीसरी आंख को सक्रिय कर लिया है।


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पिता प्रेमनारायण मोदी ने ये भी कहा कि उन्होंने भी इसका अभ्यास किया था लेकिन 3 साल के प्रयास में उन्हें खास कामयाबी नहीं मिली । वहीं दोनों बच्चों ने महज 1 साल की प्रैक्टिस में ही अपनी तीसरी आंख को अच्छी तरह से सक्रिय कर लिया है। बेटी अंशिका तो अपने टैलेंट के दम पर प्रेस्टिजियस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुकी है तब उसने 26 सेकंड में 100 देश व उनकी राजधानी के नाम बताए थे और लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अंशिका का नाम दर्ज है।


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