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अमृत सागर झील संरक्षण योजना में डीपीआर की तैयारी हुई तेज

आर्किटेक्ट दल ने निगम आयुक्त के साथ किया निरीक्षण

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Amrit Sagar Lake

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रतलाम. शहर के अमृत सागर झील के संरक्षण, संवर्धन, उन्नयन, सौन्दर्यीकरण की डीपीआर की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए इंदौर के 9 स्केवयर आर्किटेक्ट दल ने स्थल का निरीक्षण सोमवार को किया है। इस दौरान नगर निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया ने दल के सदस्यों को अमृत सागर क्षेत्र का पूरा भ्रमण करवाया।

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दोपहर करीब 3 बजे बाद 9 स्केवयर आर्किटेक्ट दल के सदस्य श्रुति व्यास, सचिन चतुर्वेदी, रिमझिम, बिड्स पिलानी के राजीव गुप्ता अमृत सागर तालाब क्षेत्र में झील संरक्षण योजना में निरीक्षण करने पहुंचे। इनके साथ निगम आयुक्त झारिया भी रहे। दल के सदस्यों ने पत्रिका को बताया अमृत सागर तालाब का दल द्वारा किये गये सर्वे के तहत योजना में तालाब संरक्षण, संवर्धन, उन्नयन व सौन्दर्यीकरण की डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके लिए मंगलवार से तैयारी शुरू हो जाएगी।

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10 हजार परिवार का आता है पानी


निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त झारिया ने सदस्यों को बताया कि तालाब में शहर के लगभग 10 हजार परिवारों का पानी आता है। तालाब में पानी छनकर व साफ होकर आये इस हेतु दो नालों पर वेटलैण्ड का निर्माण कराया जाना है तथा एक नाले को डायवर्ट किया जाना है।

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यहां होगा सौदर्यीकरण


झाल संरक्षण में तालाब की सफाई के साथ - साथ अति प्राचीन श्रीगढ़ कैलाश मंदिर क्षेत्र में रैलिंग, तालाब के पाल की स्टोन पिचिंग, बाउण्ड्रीवॉल, पाथवे, सड़क, बोटिंग प्लेटफार्म, लाईटिंग, टीन टायलेट ब्लॉक, दुकाने, ऑफिस, गजीबो गेट, टिकट काउन्टर आदि का निर्माण कराया जाकर अमृत सागर तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

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इस तरह समझे योजना को


प्राचीन अमृत सागर तालाब के जीर्णोद्धार के साथ सौंदर्यीकरण पर करीब 22.84 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विधायक चेतन्य काश्यप की पहल पर केंद्र सरकार ने झील संरक्षण योजना में प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। इतना ही नहीं पहली किस्त में 6.85 करोड़ रुपए का अनुदान भी राज्य सरकार को दे दिया था। पर्यावरण तथा नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख अधिकारियों ने योजना के लिए नगर निगम आयुक्त झारिया से बात भी की थी। अमृत सागर के उद्धार की योजना करीब १५ वर्ष पूर्व से लंबित थी। पहले कई संशोधन और परिवर्तन हुए व बाद में इसे बंद भी कर दिया गया था। विधायक चेतन्य काश्यप ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से बात कर योजना को फिर से स्वीकृत कराया था। विधायक काश्यप की पहल पर भोपाल में बैठक हुई थी। इसमें पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव, नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव के साथ नगर निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया ने योजना को अमलीजामा पहनाने की प्रारंभिक रूपरेखा बनाई थी।

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करीब 0.18 वर्ग किमी में फैला है तालाब


विधायक काश्यप ने पत्रिका को बताया अमृतसागर तालाब 0.18 वर्ग किमी में फैला है। इसमें दो प्रमुख बोहरा बाखल और लक्कड़पीठा क्षेत्र का नाला आकर मिलता है जिससे पानी दूषित होता है। 16 वर्षो से तालाब में जलकुंभी की समस्या भी हो गई। योजना में इसे जड़ से खत्म कर दिया जाएगा। नालों को भी डायवर्ट करके सौंदर्यीकरण एवं तालाब की पाल का व्यवस्थित निर्माण कर इसे पर्यटन स्थल के विकसित करने की योजना है। इसके करीब ही बिजली कंपनी गैस से चलने वाला स्टेशन बना रहा है।

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यह रहे साथ में

निरीक्षण के दौरान प्रभारी कार्यपालन यंत्री अरविन्द दशोत्तर, प्रभारी सहायक यंत्री अनवर कुरेशी, झोन प्रभारी विनय चौहान आदि उपस्थित थे।

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