
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में 16 जुलाई को हटीराम दरवाजा से पुरी से लाए विग्रह व विशेष ध्वजा के साथ निकाली जाएगी।
रतलाम. ओडिशा के पुरी की सदियों पुरानी परंपरा की तर्ज पर इस वर्ष 16 जुलाई को रतलाम में भी जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। इस रथयात्रा में पुरी से विशेष रूप से लाए गए भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलदेव के विग्रह रथ पर विराजित किए जाएंगे। इन विग्रहों के दर्शन के लिए भक्तगण उत्सुक हैं।
इस वर्ष के आयोजन की एक अपूर्व विशेषता यह है कि रथ के शिखर पर फहराई जाने वाली ध्वजा भी जगन्नाथ मंदिर, पुरी से विशेष रूप से मंगवाई गई है। यह पवित्र ध्वजा श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी और पुरी की अनुभूति कराएगी।भगवान जगन्नाथ के भक्त अनंत वशिष्ठ ने बताया कि रतलाम में यह रथयात्रा का सातवां वर्ष है, जो हर साल बड़े उत्साह के साथ निकाली जाती है। यह आयोजन हटीराम दरवाजा और मोहन टाकीज क्षेत्र के निवासियों द्वारा किया जा रहा है। यात्रा सुबह 11 बजे हटीराम दरवाजा से प्रारंभ होगी और शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
विशेष रूप से तैयार हो रहा रथ
वशिष्ठ ने बताया कि हर वर्ष रथ को एक नया स्वरूप दिया जाता है। पूर्ण रूप से लकड़ी से निर्मित इस रथ की पेंटिंग और साज-सज्जा का कार्य स्वयं कारीगरों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें पारंपरिक कला का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। रथ के पहियों से लेकर शिखर पर लगे चक्र तक, हर बारीकी का ध्यान रखा जा रहा है ताकि रथ पुरी के मूल रथों जैसा दिखे। रथ को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। रथयात्रा को लेकर क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
रथयात्रा का महत्व
जगन्नाथ रथयात्रा हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की वार्षिक यात्रा का प्रतीक है। यह त्योहार अध्यात्मिक यात्रा और सामुदायिक एकता का संदेश देता है। रथों का निर्माण पारंपरिक कला और भक्ति का प्रदर्शन होता है, जिसमें कारीगरों का गहन कौशल झलकता है। यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और भक्तों को एक भव्य शोभायात्रा में एकजुट करने का माध्यम है।
भगवान जगन्नाथ का पाद प्रक्षालन, लगाए छप्पन
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर जगन्नाथ का पंचामृत फलों के रस से पाद प्रक्षालन कर छप्पन भोग का आयोजन किया। भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव समिति थावरिया बाजार 29 वर्षों से जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा का आयोजन करती आ रही है। समिति संयोजक मुन्नालाल शर्मा, अध्यक्ष मंगल लोढ़ा और सचिव गोपाल शर्मा ने भगवान गणेश, हनुमान और जगन्नाथ के चरणों में रथ यात्रा का आमंत्रण अर्पित कर विनती की। इस अवसर पर महिलाओं ने भजन कीर्तन किया। 16 जुलाई को सुबह 9 बजे जगन्नाथ की पूजा अर्चना, सहस्त्रधारा अभिषेक और श्रृंगार कर दोपहर 2.30 बजे रथ यात्रा निकाली जाएगी।
Updated on:
30 Jun 2026 10:11 pm
Published on:
30 Jun 2026 10:11 pm
