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रतलाम कलेक्टर डॉक्टरों से नाराज, दी चेतावनी

कलेक्टर ने शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त कर आगामी बैठक में सुधार न दिखने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की दी चेतावनी। सभी सेक्टर चिकित्सा अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
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Collector's action, Ratlam breaking news

कलेक्टर ने शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त कर आगामी बैठक में सुधार न दिखने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की दी चेतावनी।

रतलाममें जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर मिशा सिंह डॉक्टरों से नाराज नजर आई। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि सभी सेक्टर चिकित्सा अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करेंगे। गर्भवती महिलाओं की जांच, शिशुओं का टीकाकरण व टीबी मुक्त अभियान पर भी जोर दिया।

बुधवार को कलेक्टोरेट सभा कक्ष में रखी बैठक में कलेक्टर ने सभी सेक्टर चिकित्सा अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने गर्भवती माताओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करने, गर्भावस्था के दौरान चार जांचें पूर्ण करने, एनीमिया का प्रबंधन करने, ब्लड ट्रांसफ्यूजन सुनिश्चित करने तथा शिशुओं का पूर्ण टीकाकरण करने पर जोर दिया।

शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के करें प्रयास

कलेक्टर ने नवजात शिशुओं की गृह आधारित भेंट देखभाल करने, माताओं को बच्चों के लिए उचित पोषण आहार संबंधी परामर्श प्रदान करने और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में शिशुओं की उचित देखभाल करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी प्रसूताओं का डिलीवरी अपडेशन करने और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।

नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सभी संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग करने, पॉजिटिव मरीजों को शत-प्रतिशत नि:क्षय पोषण योजना अंतर्गत भुगतान करने और निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के उपस्थिति पत्रक के साथ कार्य निष्पादन रिपोर्ट भी ली जाए और कम उपलब्धि वाले कर्मचारियों के प्रति नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को संयुक्त रूप से भ्रमण कर सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव संबंधी उपायों और उनकी जानकारी का प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा गया।

ये रहे बैठक में मौजूद

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत वैशाली जैन, डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. अनीता मुथा, सीएमएचओ डॉ.किरण वाडीवा, सिविल सर्जन डॉ. एपी सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सुभाष चंद्र जैन, डीपीएम अर्चना राठौर, कमलेश मुवेल, गौरव बोरीवाल, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देवेंद्र मोर्य, सलाहकार प्रमोद प्रजापति, सरला वर्मा, सोनम मंडलोई, श्वेता बागड़ी, जिला क्षय अधिकारी अभिषेक अरोड़ा, जयसिंह सिसोदिया, सतेंद्र राजावत, सचिन वर्मा, कमल सूर्यवंशी, निलेश चौहान, आनंदीलाल जैन, लोकेश वैष्णव, सुरेश जोशी, कामिनी मालवीय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।