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शनि जयंती 2019: 149 वर्ष बाद बन रहा यह महायोग, इन राशि वालों का बदलेगा भाग्य

शनि जयंती 2019: 149 वर्ष बाद बन रहा यह महायोग, इन राशि वालों का बदलेगा भाग्य

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रतलाम। इस बार शनि जयंती 3 जून 2019 को है। शनि जयंती व अमावस्या का महायोग इस बार बन रहा है। इसके अलावा 149 वर्ष बाद देव गुरु धनु की राशि में न्याय के देवता शनि व केतु का मिलन हो रहा है। शनि जयंति पर इसके पहले ये योग 30 मई 1870 को बना था। इस योग का असर हर राशि पर होगा। शनि से जुड़ी राशि वालों को खास लाभ होगा तो मंगल से जुड़ी राशि वालों को आर्थिक संकट का सामना करना होगा। ये बात रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कही। वे अपरा एकादशी के दिन भक्तों को शनि जयंती के महत्व के बारे में बता रहे थे।

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न्याय व कर्म के देवता का स्थान भारतीय ज्योतिष में शनि को दिया गया है। प्रतिवर्ष हिंदू पंचाग अनुसार ज्येष्ठ माह के कृष्णपक्ष की अमावस्या को शनि जयंती का उत्सव मनाया जाता है। इस बार ये उत्सव का दिन सोमवार को आ रहा है, इसलिए इस दिन सोमवती अमावस्या भी बनाई जाएगी। भारतीय परंपरा अनुसार विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयू की कामना के लिए वट सावित्री की पूजा भी करेगी। वे सभी जो शनि से परेशान है, उनको खास उपाय करने से लाभ होगा।

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इन उपाय से मिलेगा बड़ा लाभ

अगर कुंडली में शनि परेशान कर रहा है तो शनिदेव की कृपा पाना भी आसान है। देवों के देव महादेव के शिष्य शनि महादेव की पूजा के साथ महादेव के रुद्र अवतार हनुमान जी की पूजा करने वालों पर विशेष रुप से प्रसन्न होते है। शनि जयंती के दिन न तो नाखून काटे नहीं अपने बाल कटवाएं। ये काम करने से आर्थिक नुकसान होता है।

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इस तरह करें शनिदेव की पूजा

शनिदेव की पूजा के लिए सबसे पहले नितकर्म से निवृत होने के बाद स्नान आदि कर शुद्ध हो जाएं। इसके बाद लकड़ी के एक पाटे पर काला वस्त्र बिछाकर, उस पर शनिदेव की मूर्ति, फोटो या फिर एक सुपारी ही रखें। फिर उसके दोनों ओर शुद्ध घी या तेल के दीपक से धूप जलाएं।

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इसके बाद शनिदेव के उस प्रतीक स्वरूप को पंचामृत, इत्र आदि से स्नान करवाना होता है। इसके बाद गुलाल, सिंदूर, व काजल लगाने के बाद नीले फूल व काले तिल अर्पित करें। इसके साथ ही इमरती व तेल में तले पकवान प्रसाद स्वरूप अर्पित करें। इसके बाद श्रीफल सहित, अन्य फल भी शनिदेव को चढ़ाएं। शनि मंत्र का जप करना अनिवार्य होता है। इसके बाद शनि चालीसा का पाठ करें और शनिदेव की आरती उतारें।

राशि अनुसार करें उपाय
मेष व वृश्चिक राशि वाले काला तिल, वृषभ व तुला राशि वाले काले उड़द, मिथुन व कन्या राशि वाले हरे मुंग, कर्क राशि वाले गन्ना का रस, सिंह राशि वाले मिठाई, धनु व मीन राशि वाले काले वस्त्र, मकर व कुंभ राशि वाले चमेली या सरसों के तेल को दान करें तो लाभ होगा।

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