5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अजब-गजब बीमारी, सिर्फ रात में देख पाती है बेटी, सूर्योदय से हो जाता है दिखना बंद

पत्रिका की खबर के बाद मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान..

2 min read
Google source verification
ratlam_news_1.jpg

आशीष पाठक
रतलाम. वैसे तो आपने कई अजीब गरीब बीमारियों के बारे में सुना होगा लेकिन क्या कभी ये सुना है कि किसी इंसान को दिन में दिखना बंद हो जाए और रात में वो सबकुछ देख पाए..जी हां ऐसी ही एक अजीबो गरीब मामला रतलाम जिले में सामने आया है। जिले के मझोडिया गांव की आदिवासी बेटी अंतिमबाला दुर्लभ बीमारी हेमेरालोपिया से पीड़ित है। सूर्योदय के साथ उसे दिखना बंद हो जाता है और जैसे ही रात का अंधेरा होता है उसे सब कुछ दिखाई देता है।

लाखों में एक को होती है यह बीमारी
रतलाम जिले के आदिवासी अंचल बाजना के शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 6 में पढ़ने वाली अंतिमबाला की बीमारी काफी अजीब गरीब है। बीमारी के कारण उसे रात में तो सब दिखता है लेकिन सुबह होते ही उसे दिखना बंद हो जाता है। दुर्लभ बीमारी के बावजूद अंतिमबाला का पढ़ाई के प्रति अजीब जुनून है वो रात 10 बजे से बाद से तड़के 3 बजे तक पढ़ाई करती है और दिन में आंखों की रोशनी चली जाने के बाद अपनी सहेलियों की मदद से पढ़ाई करती है। अंतिमबाला का सपना सिविल सर्जन बनने का है। रतलाम मेडिकल कॉलेज के आई स्पेशलिस्ट डॉ. रिशेंद्र सिसौदिया ने बताया कि अंतिमबाला को हेमेरालोपिया बीमारी है जो लाखों में किसी एक को होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। सामान्य मामलों में ऑपरेशन से इसका इलाज संभव है। इसका इलाज रोग की गंभीरता पर भी निर्भर करता है।

देखें वीडियो-

पत्रिका की खबर का असर
पत्रिका में अजीब बीमारी से पीड़ित आदिवासी बेटी अंतिम बाला की खबर प्रकाशित होने के बाद अब मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है। आयोग ने कलेक्टर रतलाम से प्रकरण की जांच कराकर शासन स्तर पर पीड़ित आदिवासी बेटी अंतिमबाला के इलाज की व्यवस्था किसी योजना के अंतर्गत संभावित होने पर आवश्यक कार्यवाही कर एक माह में प्रतिवेदन मांगा है। साथ ही आयोग ने यह भी कहा है कि पीड़िता आदिवासी बालिका के पढ़ाई के प्रति प्रकट किये गये जुनून की पूर्ति राज्य शासन की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ उद्देश्य के अंतर्गत की जाये।

देखें वीडियो-