4. नहाने के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और पीत वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करें। सावन चलने से इन्हीं के साथ भगवान शिव का भी ध्यान करें।
5. फिर एक चौकी पर पीत वस्त्र बिछाएं, गंगाजल से पूजा स्थान शुद्ध करें, भगवान विष्णु की प्रतिमा रखें और केसर मिश्रित जल से श्रीहरि विष्णु का अभिषेक करें।
6. भगवान को पीले फूल, माला, अगरबत्ती, धूप अर्पित करें और घी का दीया जलाएं।
7. भगवान विष्णु को फल, मिठाई आदि का यथाशक्ति भोग लगाएं।