
Jyeshtha Purnima 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर दुर्लभ महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा समय (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Jyeshtha Purnima 2026: हिंदू सनातन परंपरा में पूर्णिमा तिथि का हमेशा से एक विशेष आध्यात्मिक महत्व रहा है, लेकिन इस बार मई के अंत में आने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा बेहद असाधारण होने जा रही है। शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ मास की इस पूर्णिमा को दान और स्नान के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इसके साथ ही, मानवता के पथप्रदर्शक संत कबीर दास की जयंती और जगन्नाथ पुरी में होने वाली प्रसिद्ध देव स्नान पूर्णिमा भी इसी दिन मनाई जाएगी।
इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा 30 मई 2026 को सुबह 11:58 बजे शुरू हो रही है, और अगले दिन 31 मई की दोपहर 02:15 पर खत्म होगी। चूंकि पूजा-पाठ में उदयातिथि, मतलब सूर्योदय के वक्त जो तिथि होती है, वही मानी जाती है, तो इस बार दान, व्रत, और सारी पूजा 31 मई, रविवार को होगी।
| शुभ समय | टाइम |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:45 AM |
| सूर्यास्त | 07:04 PM |
| चन्द्रोदय | 07:22 PM |
आम तौर पर साल में 12 पूर्णिमा होती हैं, लेकिन अगर अधिक मास (मलमास) आ जाए, तो 13 पूर्णिमा हो जाती हैं। पश्चिमी दृष्टि से जब एक ही अंग्रेजी महीने में दो बार पूर्णिमा हो, तो दूसरी को ब्लू मून कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा का मानसिक स्थिति पर प्रभाव माना जाता है।
धार्मिक मान्यता कहती है, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से पूर्ण रहता है। इसलिए कुछ खास अनुष्ठान करने से मानसिक तनाव दूर होता है और लक्ष्मी का वास होता है:
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Published on:
27 May 2026 05:51 pm
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