
चैत्र नवरात्रि
नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्तः चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 22 मार्च से हो रही है। इसके लिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त इस तरह हैं।
प्रातः 6.30 से प्रातः 7.30
प्रातः 7.50 से 9.26 तक
प्रातः 10.57 से 12.27 तक
दोपहर 3.30 से 4.50 तक
प्रदोषकाल में पूजा समय 5.00 बजे से शाम 6.30 बजे तक
नवरात्रि पूजन सामग्रीः प्रयागराज के आचार्य प्रदीप पाण्डेय बताते हैं कि नवरात्रि में दुर्गा पूजा के लिए कई चीजों की जरूरत पड़ती है, जिसे समय रहते जुटा लेना चाहिए। ये दुर्गा पूजा सामग्री इस तरह है।
नवरात्रि पूजन सामग्री लिस्टः नवरात्रि में पहले दिन कलश स्थापना की जाएगी। इसके लिए शुभ मुहूर्त में पूजा कर माता का विधि पूर्वक आवाहन होगा और माता शैलपुत्री की पूजा होगी। इसके लिए पहले ही घर और पूजा स्थल की ठीक ढंग से साफ-सफाई कर बंदनवार सजा लेना चाहिए। इसके अलावा ये पूजन सामग्री इकट्ठा कर लेनी चाहिए।
1. घटस्थापना के लिए कलश (मिट्टी या पीतल का)
2. जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र और शुद्ध मिट्टी (जौ न मिले तो गेहूं)
3. गंगाजल, रोली, मौली, दूर्वा, साबुत सोपारी, केसर, कपूर, धूप,
4. जटा वाला नारियल, हवन के लिए सूखा नारियल, आम या अशोक के पत्ते
5. पीतल, तांबे या स्टील का लोटा, जल से भरा हुआ, कलश में रखने के लिए सिक्का
6. हवन सामग्री, नवग्रह पूजन के लिए सभी रंग के फूल, पूजन के लिए थाली, श्वेत वस्त्र
7. पान, लौंग, इलायची, सरसों (सफेद, पीली), तिल का तेल या घी
8. माता दुर्गा की प्रतिमा या चित्र, आसन, चौकी, पुष्पहार, बेलपत्र, कमल गट्टा, दीपक, दीपबत्ती
9. नैवेद्य (ऋतुफल, मिठाई आदि), मधु, शक्कर, पंचमेवा, जायफल, जावित्रि, सप्त धान्य (जौ, तिल, धान,मूंग, कंगनी, चना, गेहूं)
10. हल्दी की गांठ, पिसी हल्दी, पटरा, दूध, दही, थोड़ी सी रेत
माता के श्रृंगार का सामानः नवरात्रि में पूजा के दौरान माता का श्रृंगार किया जाता है। इसके साथ ही श्रृंगार का सामान अर्पित किया जाता है। इसके लिए भक्त को इस श्रृंगार सामग्री की व्यवस्था रखनी चाहिए।
1. सिंदूर, वस्त्र (चुनरी), दर्पण, कंघी, कंगन, चूड़ी, सुगंधित तेल, मेहंदी, बिंदी, कुमकुम, आलता
2. माता की प्रतिमा को सजाने के लिए मोतियों की माला, सुंदर साड़ी वगैरह की भी व्यवस्था कर सकते हैं।
Updated on:
21 Mar 2023, 12:14 PM IST
Published on:
17 Mar 2023, 12:48 PM IST
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