
शनि साढ़े साती के उपाय
भोपाल. ज्योतिषियों के अनुसार शनि की महादशा को शनि की साढ़े साती कहा जाता है। हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी शनि की साढ़े साती और ढैय्या आती है। शनि की महादशा को कष्टकारी माना जाती है, हालांकि शनि न्याय के देवता हैं।
इन्हें दंडाधिकारी माना जाता है, जो व्यक्ति नीति, नियम और धर्म के साथ आचरण करता है उसकी कुंडली में साढ़ेसाती प्रभाव होने के बाद भी उन्हें अधिक कष्ट नहीं होता। कई मामलों में शनि की कृपा प्राप्त कर ऐसे शख्स रंक से राजा भी बन जाते हैं। उज्जैन के ज्योतिष पं. चंदन श्याम नारायण व्यास के अनुसार नए साल में इन राशि वालों पर शनि की साढ़े साती रहेगी।
वर्ष 2023 में इन पर रहेगी शनि की साढ़े सातीः शनि की साढ़े साती के तीन चरण होते हैं। ढाई-ढाई वर्षों के तीन चरणों में दूसरा सबसे कष्टकारी माना जाता है, जिसमें से पहला आर्थिक, दूसरा पारिवारिक और तीसरा सेहत से संबंधित है। दूसरे चरण में असफलता, बीमारी और दुर्भाग्य का साया रहता है।
पं. व्यास के अनुसार 17 जनवरी 2023 को शनि कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ मिथुन और तुला राशि से ढैय्या खत्म हो जाएगी। धनु राशि के जातकों से शनि की साढ़े साती 17 जनवरी को पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि पर ढैय्या की शुरुआत होगी। मकर, कुंभ, मीन राशि पर साढ़े साती जारी रहेगी। मीन राशि पर साढ़े साती जून 2027 तक चलेगी। कुंभ राशि पर ढैय्या का दूसरा चरण है और मकर राशि पर पहला चरण है।
ये भी पढ़ेंः कोरोना का शनि कनेक्शन, कब आएगा पीक
साढ़े साती के खराब प्रभाव कम करने के उपायः ज्योतिषी साढ़ेसाती के खराब प्रभाव कम करने के कुछ उपाय बताते हैं। इसके लिए शनिवार के दिन शनि देव के दर्शन और हनुमान चालीसा पाठ करना चाहिए। शनि दोष दूर करने के लिए इस दिन तेल, काला कपड़ा, काली उड़द और काला कंबल दान करना चाहिए।
Updated on:
26 Dec 2022, 2:04 PM IST
Published on:
26 Dec 2022, 2:02 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.