
ज्योतिष: कोई भी रत्न पहनते समय रखें इन बातों का खास ख्याल, अन्यथा लाभ की जगह बढ़ सकती हैं परेशानियां
ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह बताए गए हैं। इन ग्रहों से संबंधित अलग-अलग रत्नों को धारण करने से ग्रहों को मजबूती मिलने के साथ ही उनसे जुड़े शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। पैसों की तंगी, कारोबार में घाटा, वैवाहिक जीवन में मनमुटाव और जीवन की कई अन्य समस्याओं में रत्नों को धारण करने से शुभ परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है। लेकिन रत्नों को धारण करने के भी कुछ नियम होते हैं जिनका पालन ना करने से फायदा की जगह नुकसान होने की आशंका रहती है। तो आइए जानते हैं कि रत्नों को पहनते समय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
कोई भी रत्न पहनने से पहले किसी ज्योतिषाचार्य से अपनी कुंडली और दोषों को जरूर दिखवा लें।
रत्न खरीदते समय उसके असली होने की ठीक से जांच कर लें। नकली रत्न कभी नहीं पहनना चाहिए।
रत्न को हमेशा शुद्ध करके सही दिन और सही उंगली में ही धारण करना चाहिए। साथ ही एक बार रत्न धारण करने के बाद ध्यान रखें कि उसे बार-बार अपनी उंगली से ना निकालें। वहीं रत्न का पूरा लाभ पाने के लिए उसका आपकी त्वचा से स्पर्श होना भी जरूरी है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्न को हमेशा उससे संबंधित धातु में ही जड़वाना चाहिए क्योंकि धातु का प्रभाव भी आपके जीवन पर पड़ता है।
यदि धारण करने के बाद वह कभी खंडित हो जाएगा उसका रंग उतर जाए तो उसे उतार देना चाहिए। इसके अलावा नीलम और हीरा रत्न हर व्यक्ति को सूट नहीं करते हैं। इसलिए ज्योतिषाचार्य की सलाह पर ही इन्हें पहनना चाहिए।
ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक रत्न कभी भी ग्रहण वाले दिन, अमावस्या या संक्रांति पर धारण नहीं करने चाहिए।
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Updated on:
3 Aug 2022, 3:26 PM IST
Published on:
3 Aug 2022, 3:26 PM IST
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