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Mukesh Ambani ने बदरीनाथ-केदारनाथ में किए दर्शन, BKTC को दान किए 10 करोड़, जानें यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

Char Dham Yatra Online Registration: मुकेश अंबानी ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन कर BKTC को 10 करोड़ रुपये का दान दिया। जानिए उनकी यात्रा और चारधाम रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया।

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भारत

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Manoj Vashisth

Jun 16, 2026

Kedarnath Registration 2026

Mukesh Ambani Donation : चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ-बद्रीनाथ के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ऐसे करें (फोटो सोर्स: ANI)

Mukesh Ambani Kedarnath Kedarnath Donation: रिलायंस इंडस्ट्रीज के सर्वेसर्वा मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) एक बार फिर भक्ति के रंग में डूबे नजर आए। देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध उच्च हिमालयी तीर्थस्थलों बाबा केदारनाथ और भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। चारधाम यात्रा सीजन के दौरान उनकी इस यात्रा ने न केवल उनकी गहरी आध्यात्मिक आस्था को उजागर किया है, बल्कि चारधाम के विकास में उनके बड़े योगदान को भी सामने लाया है।

भक्ति और परोपकार का संगम: बीकेटीसी को 10 करोड़ का दान

अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान मुकेश अंबानी ने केवल मंदिर में माथा ही नहीं टेका, बल्कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को रुपए 10 करोड़ की भारी-भरकम धनराशि दान में दी।

इस दान का उद्देश्य इन प्राचीन और दुर्गम तीर्थस्थलों पर आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना और मंदिरों के बुनियादी ढांचे का विकास करना है। गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है; मुकेश अंबानी और उनका परिवार देश के प्रमुख मंदिरों (जैसे तिरुपति बालाजी और श्रीनाथजी) में नियमित रूप से करोड़ों रुपये का गुप्त और खुला दान देता रहा है।

केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री या हेमकुंड साहिब यात्रा का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

अगर आप भी इस साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री या हेमकुंड साहिब के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध रजिस्ट्रेशन के किसी भी श्रद्धालु को धामों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। देवभूमि में आने वाले हर यात्री की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने 'स्मार्ट और सुरक्षित यात्रा' का खाका तैयार किया है। यह कदम न केवल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में यात्रियों की त्वरित मदद करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

वेब पोर्टल से मिनटों में ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

यात्रा पर निकलने से पहले आप घर बैठे आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसकी प्रक्रिया बेहद सरल है:

लॉगिन और साइनअप: सबसे पहले ऑफिशियल वेब पोर्टल पर जाकर “REGISTER/LOGIN” बटन पर क्लिक करें। नए यूजर्स को साइनअप करना होगा, जबकि पुराने यूजर्स सीधे लॉगिन कर सकते हैं।

टूर प्लान बनाएं: लॉगिन के बाद अपने टूर की शुरुआत और समाप्ति की तारीख, कुल यात्रियों की संख्या, और आप किस धाम की यात्रा किस तारीख को करना चाहते हैं, इसका पूरा विवरण दर्ज करें।

डिटेल्स भरें और लेटर डाउनलोड करें: सभी तीर्थयात्रियों की व्यक्तिगत जानकारी भरने के बाद रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इसके बाद मिलने वाले 'यात्रा रजिस्ट्रेशन लेटर' को डाउनलोड कर लें और इसे अपने साथ ले जाना न भूलें।

याद रखें: रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त (Free) है। इस प्रक्रिया के पूरे होते ही आपको एक QR कोड वाला यात्रा रजिस्ट्रेशन लेटर मिलेगा, जिसे धामों पर पहुंचने पर वेरिफाई (जांच) करवाना अनिवार्य होगा।

ऑफलाइन मोड: इन जगहों पर मिलेगी फिजिकल रजिस्ट्रेशन की सुविधा

यदि आप किसी कारणवश ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के एंट्री पॉइंट्स पर फिजिकल रजिस्ट्रेशन काउंटर और क्यू टोकन स्लॉट काउंटर (Queue Token Slot Counter) बनाए हैं:

  • राही होटल (हरिद्वार)
  • ट्रांजिट कैंप (ऋषिकेश)
  • गुरुद्वारा (ऋषिकेश)
  • हरबर्टपुर (विकासनगर)
  • नयागांव (विकासनगर)