
Municipal Council President Warns BJP MLA: अविश्वास प्रस्ताव पर नपा अध्यक्ष ने विधायक को खुली चुनौती दी (फोटो सोर्स- Patrika)
Municipal Council President Warns BJP MLA: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के नगर परिषद गुढ़ में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा है और इसके पीछे विधायक की भूमिका है। यह पहला मौका है जब भाजपा की नेत्री ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर इतने गंभीर आरोप लगाए है।
परिषद अध्यक्ष अर्चना ने कहा कि गुढ़ के पार्षदों को विधायक ने अपने घर बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव की पूरी कहानी रची। अब लगातार धमकियां मिल रही हैं, यदि विधायक ने अपनी सीमाएं पार की तो मेरे पास बहुत कुछ है बोलने और दिखाने के लिए, तब शायद विधायक मुंह दिखाने के लायक भी न रहें। अर्चना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उनके खिलाफ चार बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है और हर बार वह सफल नहीं हो सका। इस बार भी उच्च न्यायालय की डबल बेंच से उन्हें स्थगन आदेश प्राप्त हुआ है। उनका आरोप है कि कुछ पार्षद निजी स्वार्थ पूरे नहीं होने के कारण उनके खिलाफ लामबंद है।
उन्होंने कहा कि 13 पार्षदों ने लगातार दो वित्तीय वर्षों से नगर परिषद का बजट पारित नहीं होने दिया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए है। इसके अलावा नामांतरण सहित कई जनहित के प्रस्ताव भी लंबित पड़े है। उनके अनुसार, नगर परिषद के विकास को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है। बता दें कि अर्चना को अध्यक्ष बनाने में विधायक की बड़ी भूमिका रही है, दूसरे नाराज पार्षदों से समझाइश देकर उन्होंने अध्यक्ष बनाया था।
अर्चना सिंह ने कहा कि नगर परिषद को विधायक निधि से कोई राशि नहीं मिली है, डीएमएफ सहित अन्य योजनाओं से कुछ राशि मिलनी थी तो उसे भी रुकवा दिया गया। कहा कि क्षेत्रीय अधिकारी उनका फोन तक नहीं उठाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान विधायक के लिए वोट मांगते समय कई भरोसे दिए थे लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाने पर जनता से माफी भी मांगती हैं।
परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने कहा, विधायक के करीबी लोगों ने उन्हें और परिवार को प्रताड़ित करने की कोशिश की है। यदि भविष्य में किसी तरह की क्षति होती है तो इसके जिम्मेवार विधायक और उनके करीबी होंगे। उत्पीड़न किया गया तो वह अपने पास मौजूद तथ्यों और साक्ष्यों को सार्वजनिक करेंगी।
साक्ष्य दें, फिर जवाब दूंगा
गुढ़ विधानसभा से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह ने कहा कि कहने को तो कुछ भी किसी को कहा जा सकता है, लेकिन उसका प्रमाण भी होना चाहिए। राजनीति में यह सब चलता रहता है। यदि कोई दस्तावेजी साक्ष्य आएंगे तो उसके आधार पर उसका जवाब भी देंगे। ये सब राजनीति स्टंट हो रहे हैं।
पति को लोकायुक्त केस में फंसाने का आरोप
डॉ. अर्चना सिंह ने अपने पति डॉ. कल्याण सिंह के विरुद्ध हुई लोकायुक्त कार्रवाई को भी राजनीतिक साजिश बताया। उनका दावा है कि जिस शिकायत के आधार पर कार्रवाई हुई, उसमें शिकायतकर्ता का कोई कार्य लंबित नहीं था और न ही कथित रूप से धन की मांग का कोई स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया है। शिकायतकर्ता से जुड़े लोगों ने बताया है कि विधायक के कहने पर उनके सहयोगी बाबूलाल यादव और अन्य भाजपा नेताओं का हाथ है। यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार के ट्रैप प्रकरण में उन्हें बचा लिया गया तो डॉ. कल्याण के मामले में क्या दिक्कत रही।
Updated on:
25 Jul 2026 05:18 pm
Published on:
25 Jul 2026 05:18 pm
