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खंभे खड़ा कर तार खींचना भूल गया बिजली विभाग, किसानों की 200 एकड़ एरिया में चौपट हो रही फसल

नईगढ़ी क्षेत्र के महेवा गांव में किसानों की बंजर हो रही 200 एकड़ जमीन, बिजली विभागी की योजनाएं किसानों के लिए बेमानी
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रीवा

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Rajesh Patel

Aug 13, 2018

Forgot to draw poles by standing pillars, power department

Forgot to draw poles by standing pillars, power department

रीवा. बिजली विभागी की योजनाएं किसानों के लिए बेमानी है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते दर्जनभर किसानों की बस्ती और खेत तक खंभे खड़ा करने के बाद जिम्मेदार तार खींचना भूल गए हैं।

प्रभावित किसान अफसरों की चौखट पर लगा रहे चक्कर
प्रभावित किसान अफसरों की चौखट पर चक्कर लगा रहे हैं। हैरान करने वाली बात तो यह कि अधिकारी किसानों से रेकॉर्ड मांग रहे हैं। मौके पर महेवा से लेकर छिदुआ तक खंभे खड़े हैं। जिसमें तारखींचकर बिजली आपूर्ति चालू करना है।

किसानों की बंजर हो रही 200 एकड़ जमीन
जिले के कटरा बाजार से पूर्वी छोर में नईगढ़ी मार्ग पर स्थित महेवा बस्ती से छिंदुआ बस्ती के लिए खंभे खड़े किए गए हैं। सोनवर्षा गांव के किसान कालू प्रसाद पटेल की महेवा के छिदुआ में करीब चालीस एकड़ भूमि पर खेती करते हैं। कालू ने बताया कि सिंचाई का साधन नहीं है, बारिश के सहारे खेती करते हैं। खेत में ट्यवेल के लिए बोर करा लिया है। पांच साल से खंभा खड़े हुए हैं। लेकिन, तार नहीं खींचा गया।

किसान तार खींचने के लिए संपर्क किया तो अधिकारियों ने मांगा रेकॉर्ड
किसान तार खींचने के लिए विभाग से संपर्क किया तो रेकार्ड की मांग कर रहे हैं। किसानों के द्वारा नए सिरे से आवेदन करने की बात करने पर अधिकारी टाल-मटोल कर रहे हैं। इसी तरह महेवा के श्यामलाल वर्मा, विश्वनाथ पटेल, बुद्धी कहार सहित दर्जनों किसानों की 200 एकड़ की जमीन सिंचाई के अभाव में बंजर हो रही है। ये कहानी अकेले इस गांव की नहीं। बल्कि कटरा से लेकर नईगढ़ी रोड पर कई ऐसे गांव हैं, जहां पर खंभे तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति चालू नहीं की गई है।

ट्यूवेल का कनेक्टशन करने परेशान किसान
महेवा से छिदुआ तक ठूठे खंभे खड़े हैं, किसानों ने विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी किसानों को ट्यवेल का कनेक्शन करें। जिससे किसानों की सिंचाई की समस्या दूर हो सके। इसके अलावा बस्ती में रोशनी पहुंचे। आसपास की गरीबों की झोपड़ी में वल्ब की रोशन नसीब नहीं हो रही है।