1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

१० दिन और बढ़ा अंडर ब्रिज का काम

दूसरी पाइपलाइन बनी मुसीबत
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सागर

•

image

Gulshan Kumar Patel

•

Updated: 2 Jun 2018, 7:25 PM IST

10 days increased of Under bridge construction

10 days increased of Under bridge construction

सागर. अप्सरा टॉकीज अंडर ब्रिज निर्माण का काम ड्रेनेज सिस्टम की वजह से १० दिन आगे खिसक गया है। दरअसल, पहले ठेकेदार को एक पाइपलाइन बिछानी थी, लेकिन विधायक, नगर निगम के अधिकारियों और कॉलोनी के लोगों की मांग पर दूसरी पाइपलाइन भी बिछानी पड़ी है। इस काम में ठेकेदार को करीब दस दिन लगे हैं। हालांकि डबल पाइपलाइन होने से अंडर ब्रिज पर पानी भरने की समस्या नहीं रहेगी। न ही बारिश में कॉलोनी व मोहल्लों में पानी भरेगा। अंडर ब्रिज से अभी तक एक नाला था, लेकिन अब दो नाले हो गए हैं। इनमें पाइपलाइन जोड़े जाना बचा है। अभी ब्रिज के आगे सफाई का काम चल रहा है। यही वजह है कि अभी पाइपलाइन नहीं जोड़ी गई हैं।

एक हफ्ते में डल जाएगा स्लैप

ब्रिज का निर्माण करीब ८० फीसदी पूरा होना बताया जा रहा है। इसमें पाइपलाइन जोडऩे के अलावा स्टेजिंग और प्लेट बिछाई जाना है। इसके बाद स्लैप डाली जाएगी। इस कार्य में करीब एक साप्ताह लगेगा। हालांकि १५ जून को प्री मानसून आ सकता है। एेसे में समय रहते यह काम पूरा होना जरूरी है। नहीं तो परेशानी खड़ी हो सकती है।

तीन लाइन के लिए चल रहा अर्थवर्क
ब्रिज निर्माण के साथ तीसरी लाइन बिछाने के लिए अर्थवर्क का काम भी जारी है। ब्रिज के बाजू से पटरी डालने के लिए अर्थवर्क का काम काफी हद तक पूरा हो गया है। यार्ड के लिए बने फाटक पर भी अर्थवर्क का काम होना है। जैसे ही यह काम शुरू होगा। उस दौरान फाटक को पीछे खिसका दिया जाएगा। वहीं, इसके नीचे अंडर ब्रिज बनने के बाद रेलवे फाटक बंद कर देगा।

चार विभागों की हड़ताल जारी
सागर. चार शासकीय विभाग कृषि, पंचायत, वन व राजस्व विभाग की हड़ताल जारी है। शुक्रवार को पांच दिनों से हड़ताल पर बैठे मप्र ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ का समर्थन करने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद सिंह राजपूत ने हड़ताली कर्मियों से विधानसभा चुनाव में सहयोग मांगा। इस अवसर पर कांग्रेस जिला महामंत्री राजकुमार पचौरी सहित अन्य कांग्रेसी नेता भी शामिल हुए। इसके अलावा ग्राम रोजगार सहायक, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व राजस्व विभाग के पटवारी भी पर डटे हुए हैं।