2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बुंदेलखंड में पीएम मोदी बोले- आज शिलान्यास किया है, दो साल बाद लोकार्पण करने भी आऊंगा

PM Narendra Modi visit live- चुनाव की दृष्टि से भी काफी अहम है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुंदेलखंड दौरा...।

9 min read
Google source verification

सागर

image

Manish Geete

Aug 12, 2023

pm2.png

PM Narendra Modi SAGAR visit live

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर शनिवार को मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। वे सागर जिले के बड़तूमा में पहली बार आए हैं। नरेंद्र मोदी यहां संत रविदास के भव्य मंदिर की आधारशिला रख रहे हैं। यहं 100 करोड़ की लागत से संत रविदासजी का स्मारक, म्यूजियम, लाइब्रेरी, संगत हाल और कुंड बनाए जाएंगे। 12 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट को महाकाल लोक की तरह ही भव्य रूप दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदासजी के आशीर्वाद से मैं विश्वास से कहता हूं कि आज मैंने शिलान्यास किया है, एक-डेढ़ साल के बाद मंदिर बन जाएगा तो लोकार्पण करने के लिए मैं जरूर आऊंगा। संत रविदासजी मुझे अगली बार आने का मौका देने वाले हैं।

देखें कब क्या बोले पीएम नरेंद्र मोदी

4.21 pm
पीएम मोदी ने कहा कि बनारस में संत रविदासजी की जन्म स्थली में मंदिर का सौंदर्यी करण हुआ। भोपाल के गोविंदपुरा में ग्लोबल स्किल पार्क का नाम भी संत रविदास के नाम पर रखा है। इसी तरह आज देश के कई राज्यों में जनजातीय समाज के गौरव को बताने के लिए म्यूजियम बन रहे हैं। हबीबगंज स्टेशन का नाम भी गौंड समाज की रानी कमलापति के नाम पर स्टेशन का नाम रखा है। टंटया मामा का सम्मान हो रहा है। यह सभी लोग सम्मान के हकदार थे।

4.18 pm
मोदी ने कहा कि आज आदिवासी क्षेत्रों में पाइप से पानी पहुंच रहा है। लाखा बंजारा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए काम कर रहे हैं। आज देश का दलित, वंचित, पिछड़ा, आदिवासी हो, हमारी सरकार उन्हें उचित सम्मान दे रही है, नए अवसर दे रही है।

4.12 pm
पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना भी शुरू की गई है। इसमें बड़ी संख्या में एससी-एसटी समाज के बच्चों की है। इस समाज के लिए हमने आठ हजार करोड़ की सहायता दी है। हमारे बहुत से आदिवासी भाई बहन वन संपदा के जरिए अपना जीवन यापन करते हैं। उनके लिए देश वन धन योजना चला रहा है। इतना ही नहीं, कोई भी दलित, वंचित, पिछड़ा बिना घर के न रहे हर गरीब के सिर पर छत हो, इसके लिए प्रधानमंत्री आवास भी दिए जा रहे हैं। घर में सभी जरूरी सुविधाएं हों, इसके लिए बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन भी मुफ्त दिया गया है। इसका परिणाम है कि एससी एसटी समाज के लोग अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। उन्हें बराबरी के साथ समाज में स्थान मिल रहा है। सागर एक ऐसा जिला है जिसके नाम में तो सागर है ही, इसके एक पहचान चार सौ एकड़ की एक लाखा बंजारा झील से भी होती है। इस धरती पर लाखा बंजारा का नाम जुड़ा है। इन्होंने पानी की महत्ता को समझा था।

4.13 pm

पहले योजनाएं चुनावी योजनाओं के हिसाब से आती थी

मोदी ने कहा कि पहले जो योजनाएं आती थी, वो चुनावी मौसम के हिसाब से आती थी। हमारी सोच है कि दलित, वंचित, पिछड़े, आदिवासियों की आकांक्षा को सहारा दें। योजनाओं पर नजर रखेंगे तो पता चलेगा। मातृ वंदना योजना के तहत बच्चे के जन्म के वक्त गर्भवती महिलाओं को 6 हजार दिए जाते हैं। आज नवजात बच्चों की सुरक्षा के लिए मिशन इंद्रधनुष चलाया जा रहा है। इसमें टीका लगे, इसकी चिंता सरकार करती है। बीते वर्षों में साढ़े पाचं करोड़ से अधिक माताओं और बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। सिकिलसेल और कालाजार बीमारियों से बचाव के लिए काम हो रहा है।

4.08

कोरोना के बाद दुनिया कर रही है तारीफ

मोदी ने कहा कि आज आजादी के अमृतकाल में हम देश को गरीबी और भूख से मुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं। आपने देखा है कि कोरोना की इतनी बड़ी महामारी आई। पूरी दुनिया की व्यवस्था चरमरा गई। भारत के दलित तबगे के लिए, आदिवासियों के लिए हर कोई आशंका जता रहा था। कहा जा रहा था कि 100 साल बाद इतनी बड़ी आपदा आई है। समाज का यह तबका कैसे रह पाएगा। लेकिन तब मैंने यह तय किया चाहे जो हो जाएं, मैं मेरे गरीब भाई बहनों को खाली पेट सोने नहीं दूंगा। मैं जानता हूं कि भूखे रहने की तकलीफ क्या होती है। गरीब का स्वाभिमान क्या होता है। मैं तो आपके परिवार का सदस्य हूं। मुझे आपके सुख-दुख समझने के लिए किताबे नहीं ढूढनी पड़ती ।

4.02 pm


मोदी ने कहा कि संत रविदास स्मारक और संग्रहालय की नींव एक ऐसे समय में पड़ी है, जब देश ने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं। अब अगले 125 वर्षों तक अमृतकाल हैं। अब यह हमारी जिम्मेदारी हैं कि हम अपनी विरासत को आगे बढ़ाए और अतित से सबक भी लें। इतने लंबे कालखंड में कुछ बुराइयां आना भी स्वाभाविक है। यह भारतीय समाज की शक्ति है कि इन बुराइयों को दूर करने वाला कोई साधू-संत, ओलिया इसी समाज से निकलता है। रविदासजी ऐसे ही महान संत थे। उन्होंन उस कालखंड में जन्म लिया था, जब देश पर मुगलों का शासन था। समाज अस्थिरता, उत्पीड़न और अत्याचार से जूझ रहा था। उस समय भी रविदासजी समाज को जागरूक कर रहे थे। वो उसे उसकी बुराइयों से लड़ना सिखा रहे थे। संत रविदासजी ने कहा था कि जात,पात के फेर में ही उलझी रही सब लोक, मनुष्यता को खात हुई, रविदास जात कर रोग। अर्थात सब लोग जात-पात के फेर में उलझे हैं और यह बीमारी मानवता को खा रही है। वो एक तरफ सामाजिक कुरुतियों के खिलाफ बोल रहे थे, तो दूसरी तरफ देश की आत्मा को झकझोर रहे थे। जब हमारी आस्थाओं पर हमले हो रहे थे, हमारी पहचान मिटाने के लिए हम पर पाबंदियां लगाई जा रही थी, तब रविदासजी ने कहा था कि उस समय मुगलों के कालखंड में, यह हिम्मत और राष्ट्रभक्ति देखिएं...। रविदासजी ने कहा था कि पराधीनता सबसे बड़ा पाप है। जो पराधीनता को स्वीकार कर लेता है उसके खिलाफ जो लड़ता नहीं है, उससे कोई प्रेम नहीं करता। एक तरह से उन्होंने समाज को अत्याचार से लड़ने का हौंसला दिया था। उसी भावना को लेकर शिवाजी ने हिंद समाज की नींव रखी थी। आज देश गुलामी के मानसिकता से मुक्ति के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।



3.59 pm
आज शिलान्यास किया, डेढ़ साल बाद लोकार्पण भी करूंगा..।

सागर की धरती, संतों का सान्निध्य, संत रविदासजी का आशीर्वाद और समाज के हर वर्ग से, हर कोने से इतनी बड़ी संख्या में आशीर्वाद देने आए सभी महानुभाव। आज सागर में समरसता का महासागर उमड़ा हुआ है। देश की इसी साझी संस्कृति को और समृद्ध करने के लिए संत रविदास स्मारक एवं कला संग्रहालय की नींव पड़ी है। संतों की कृपा से कुछ देर पहले मुझे इस पवित्र स्मारक के भूमिपूजन का पुण्य अवसर मिला है। और में काशी का सांसद हूं और इसलिए यह मेरे लिए दोहरी खुशी का पल है। संत रविदासजी के आशीर्वाद से मैं विश्वास से कहता हूं कि आज मैंने शिलान्यास किया है, एक डेढ़ साल के बाद लोकार्पण करने फिर आऊंगा। आप लोग मुझे दोबारा मौका देने ही वाले है। मोदी ने कहा कि मैं आज सागर की धरती से संत शिरोमणि रविदासजी को नमन करता हूं।

संत रविदासजी के स्मारक में भव्यता भी होगी और दिव्यता भी होगी। यह संतजी की शिक्षा से आएगी। समरसता की भावना से ओतप्रोत बीस हजार से ज्यादा गांवों की 300 से ज्यादा नदियों की मिट्टी आज इस स्मारक का हिस्सा बनी है। एक मुट्ठी मिट्टी के साथ-साथ एमपी के लाखों परिवारों ने समरसता भोज के लिए एक-एक मुट्ठी अनाज भी भेजा है। इसके लिए जो 5 समरसता यात्राएं चल रही थीं, आज उनका भी सागर की धरती पर समागम हुआ है।

पीएम ने कहा कि मैं मानता हूं यह समरसता यात्राएं यहां खत्म नहीं हुई हैं, बल्कि यहां से सामाजिक समरसता से एक नए युग की शुरुआत हुई है। मैं इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश सरकार का अभिनंदन करता हूं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का अभिनंदन करता हूं।

3.55 pm
पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन शुरू।


3.48 pm

जो रविदासजी ने कहा, वो मोदीजी कर रहे हैं

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब बुंदेलखंड की धरती पर संत रविदासजी का भव्य स्मारक और मंदिर बनने जा रहा है। संत रविदास भारत को जोड़ने वाले संत थे। कोई जात नहीं पात नहीं, ऊंचा नहीं, नीचा नहीं। कोई छोटा नहीं कोई बढ़ा नहीं। भक्ति कैसे करें, इसका संदेश देने वाले संत रविदासजी महाराज, उनके जीवन और दर्शन पर आधारित यह स्मारक बनेगा। आने वाली पीढ़ी भी संत रविदासजी को जानेगी और उनके मार्ग पर चलेगी। संत रविदासजी के मार्ग पर चलकर सरकार चलाने वाले पीएम मोदीजी है। आज देश जानता है 80 करोड़ देशवासियों को निशुल्क अन्न की व्यवस्था मोदीजी ने की है। इसके अलावा जीवन की अन्य आवश्यकता पूरी करने का भी काम किया है। गरीबों को मकान, उज्वला योजना में गैस कनेक्शन, आयुष्मान योजना और वैक्सीन लगाकर 140 करोड़ देशवासियों की जान बचाने का काम मोदीजी ने किया है। जो रविदासजी ने कहा था वो मोदीजी कर रहे हैं। हमें गर्व है कि 1 करोड़ 40 लाख लोग भी मध्यप्रदेश में गरीबी से बाहर निकल आए हैं।

चौहान ने कहा कि इसका लोकार्पण तो आज होगा, पीएम मोदीजी ने ऐसे फैसले किए हैं, जो बुंदेलखंड की तकदीर बदलेंगे। बीना में पेट्रोकैमिकल उत्पाद पर पचास हजार करोड़ का निवेश आने वाला है। इसी बुंदेलखंड की धरा पर कैन और बेतवा बहुत जल्दी काम प्रारंभ होने वाला है। 20 लाख एकड़ जमीन में बुंदेलखंड में सिंचाई होगी। बुंदेलखंड की धरती पंजाब और हरियाणा को मात करेगी।

चौहान ने कहा कि कल संसद में जो हुआ वो अभूतपूर्व है। अंग्रेजों के बनाए हुए कानून बनाए जा रहे हैं। मासूम बेटियों के साथ कोई दुराचार करेगा तो फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा। पीएम मोदीजी के नेतृत्व में नए भारत का उदय हुआ है।

3.40 pm

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत संबोधन शुरू।

3.38 pm
राज्यपाल मंगूभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। पीएम मोदी को संत रविदास पर लिखी गई की पुस्तक भेंट की। पुस्तक का नाम है संत रविदासजी की जीवनी एवं पदावली।

3.30 pm
मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। संत शिरोमणि रविदासजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

3.22 pm

पीएम मोदी थोड़ी देर में संबोधित करेंगे।

3.21 pm

पीएम मोदी ने विधि विधान से पूजा की। संत रविदासजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान बड़ी संख्या में संत रविदास के अनुयायी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी को संत रविदास स्मारक मंदिर का नक्शा और मॉडल दिखाया।

3.00 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संत रविदासजी के स्मारक स्थल का भूमिपूजन करने पहुंचे। इसी आयोजन में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से निकली समरसता यात्रा का भी समापन हो गया। पीएम मोदी ने यात्रा का अभिनंदन किया।

यह भी पढ़ेंः

पीएम मोदी की नजर बुंदेलखंड पर, कांग्रेस ने भी बनाई है 26 सीटों की रणनीति

2.55 pm

सागर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। थोड़ी देर में संत रविदास मंदिर की रखेंगे आधारशिला।

2.35 pm

पीएम मोदी सागर जिले के बड़तूमा पहुंचने वाले हैं। यहां उनकी अगवानी के लिए बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद हैं।

2.05 pm

पीएम मोदी हेलीकाप्टर से सागर के लिए रवाना। थोड़ी देर में वे सागर जिले के बड़तूमा पहुंचेंगे। जहां संत रविदास मंदिर का भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद ढाना में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे।

2.00 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खजुराहो एयरपोर्ट पर पहुंचे। यहां प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा ने पुष्पगुच्छ देकर उनकी अगवानी की गई। थोड़ी देर में पीएम मोदी सागर जिले के लिए हेलीकाप्टर से उड़ान भरेंगे।

1.24 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में सागर जिले में पहुंचेंगे। वे दिल्ली से वायुसेना के विमान से खजुराहो फिर हेलिकाप्टर से सागर पहुंचेंगे। सागर में संत रविदासजी के मंदिर का भूमिपूजन करेंगे। यहीं पर चारों दिशाओं से समरसता यात्राएं भी शामिल हुई हैं, जो गांवों से मिट्टी और नदियों का जल लेकर आई हैं।

1.00 pm
इधर, प्रदेश के कई हिस्सों से निकली समरसता यात्राएं भी सागर पहुंच गई हैं। यह सभी यात्राएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल हो रही हैं। यह यात्राएं 25 जुलाई को प्रारंभ हुई थी। इस यात्रा में प्रदेश के हर गांवों से मिट्टी और सभी विकासखंडों की 313 नदियों से जल का सांकेतिक संग्रहण किया गया है। यह यात्राएं नीमच, मांडव, धार, श्योपुर, बालाघाट और सिंगरौली से एक साथ निकाली गई थीं।

संबंधित खबरें

12.30 pm
सागर जिले में बनने वाले संत रविदास के मंदिर के पास चार गैलरी भी बनाई जाएंगी, जिसे भीतर संत रविदास से जुड़ी सभी बातें प्रदर्शित की जाएंगी।

12.15 pm
पीएम मोदी ने सागर आने से एक दिन पहले ट्वीट कर कहा था कि यह हमारा सौभाग्य रहा है कि हमें सौहार्दपूर्ण और समृद्ध समाज की प्रेरणा देने वाले संत रविदास जी की विरासत को संजोने और संवारने का अवसर मिला है। इसी कड़ी में कल दोपहर बाद मध्य प्रदेश की अपनी यात्रा के दौरान सागर और धाना में उनके स्मारक स्थलों के निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लूंगा। इसके अलावा राज्य की कई विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का भी सुअवसर मिलेगा।

12.15 pm
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आगमन निश्चय ही अनेक सौगातों से भरा है। समस्त मध्यप्रदेशवासी आपके स्वागत के लिए उत्साहित हैं। संत शिरोमणि रविदास जी के स्मारक के रूप में गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत की पुनर्स्थापना की संकल्प यात्रा में अब नया अध्याय जुड़ रहा है। आपकी गरिमामयी उपस्थिति से कल का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। मध्यप्रदेश पधारने एवं विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें देने के लिए आपका हृदय से आभार।


11.55 pm
इधर, दिल्ली से खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से रवाना हो गए हैं। वे थोड़ी देर में मध्यप्रदेश के खजुराहो एयरपोर्ट पर लैंड होंगे। यहां से हेलीकाप्टर के जरिए सागर के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर दो बजे के करीब सागर के बड़तूमा पहुंचेंगे।

11.30 AM
पीएम मोदी के दौरे से पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संत रविदास महाराज ने भारतीय संस्कृति और समरसता के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। संत रविदास ने कर्म को महत्व दिया। वे परिश्रम से जो भी अर्जित करते थे, उसे संत सेवा और समाज को अर्पित कर देते थे।


11.15 AM
ढाना में होगी जनसभा

प्रधानमंत्री ग्राम ढाना भी जाएंगे, जहां जनसभा का आयोजन होगा। यहां भारतमाला परियोजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की दो परियोजनाओं के अंतर्गत 1582.28 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़कों का शिलान्यास होगा। दो परियोजनाओं के अंतर्गत इन सड़कों की लंबाई 96 किलोमीटर होगी। प्रथम परियोजना में यह सड़क टू लेन होगी।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मध्यप्रदेश के विदिशा से गुजर रही यह सड़क राजधानी को जिला अशोक नगर और चंदेरी से जोड़ेगी। इससे चंदेरी की रेशम साड़ियों, ऐतिहासिक किले, पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध यह स्थान पर्यटन की दृष्टि से भी उभर जाएगा। साथ ही यह सीधे झांसी से भी जुड़ जाएगा। इस सड़क के बन जाने से रायसेन जिले के सांची स्थित अशोक स्तंभ और बौद्ध स्तूपों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

Story Loader