
फाइल फोटो
बीना. एक ओर हम विकसित भारत की ओर कदमताल कर रहे हैं। दूसरी ओर अभी देश में अजीब किस्म की विसंगतियां हैं, विषमताएं हैं। कुछ तथ्य चौंकाते हैं, कुछ आंकड़े हैरान कर देते हैं। आप कल्पना करेंगे कि बुंदेलखंड की एक तहसील में स्थापित हो रहे पेट्रोकेमिकल हब की जो लागत है, वो इसी देश के आठ राज्यों के सालाना बजट से भी ज्यादा है। इसके बावजूद दशकों से जिला बनने की आस देख रहा बीना विकास की दौड़ में पीछे की कतार में ही खड़ा है। उसे मुख्यधारा से जोडऩे के कोई जमीनी प्रयास नजर नहीं आ रहे, न सरकारी स्तर पर और न ही सियासत के स्तर पर।
इसको हम इस तरह समझ सकते हैं कि मप्र सरकार ने प्रदेश के ऐसे शहरों को जिला बना दिया है, जहां पर कोई छोटे उद्योग भी नहीं हैं और भौगोलिक स्थिति से भी योग्य नहीं थे, लेकिन बीना तहसील जहां रिफाइनरी पहले से स्थापित है और करीब 49 हजार करोड़ रुपए का निवेश पेट्रोकेमिकल हब में किया जा रहा है। बीना जिला बनने के हर मापदंड को पूरा करता है, जिसमें जिला मुख्यालय से दूरी होना, जनसंख्या, क्षेत्रफल आदि शामिल है। बीना शहर देश के नक्शे पर अलग चमक रहा है। देश 8 राज्य अरुणाचाल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा का सालाना बजट भी इतना नहीं है, जिससे कई गुना ज्यादा निवेश पेट्रोकेमिकल प्लांट के निर्माण में किया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद हर साल करोड़ों रुपए का टैक्स भी मप्र सरकार को प्राप्त होगा। यह सब जानते हुए भी सरकार बीना को जिला नहीं बना रही है।
फैक्ट फाइल
इन राज्यों का सलाना बजट है पेट्रोकेमिकल प्लांट से कम
(सभी आंकड़े करोड़ में
Updated on:
14 Aug 2024 12:51 pm
Published on:
14 Aug 2024 12:50 pm
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