8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NICU में अचानक फॉल्ट होने से बंद हुआ वॉर्मर, 18 नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल शिफ्ट करने में जुटा प्रबंधन

BMC के NICU में फॉल्ट, नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

2 min read
Google source verification
news

NICU में अचानक फॉल्ट होने से बंद हुआ वॉर्मर, 18 नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल शिफ्ट करने में जुटा प्रबंधन

सागर/ मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में रविवार देर रात करीब 10 बजे एनआईसीयू में अचानक फॉल्ट होने के कारण बिजली गुल हो गई। इसकी जानकारी प्रबंधन को लगी, जिन्होंने तुरंत एनआईसीयू में भर्ती करीब 18 नवजात बच्चों को जिला अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी।

पढ़ें ये खास खबर- सनसनीखेज घटना : मां ने पहले अपने बच्चों को फंदे पर लटकाया, फिर खुद भी लगा ली फांसी


सुबह ही नगर निगम आयुक्त ने किया था निरीक्षण

आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस पहुंची, जहां नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि, फॉल्ट का कारण पता नहीं चल सका है, लेकिन खास बात ये है कि, रविवार की दोपहर 12 बजे नगर निगम आयुक्त निरीक्षण करने बीएमसी पहुंचे थे, जहां भोपाल में हुई तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के मामले में उनके द्वारा निरीक्षण किया गया था।

पढ़ें ये खास खबर- कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ कमलनाथ की बैठक, कहा- मैं नहीं करता खरीद-फरोख्त की राजनीति


इस दौरान एक डीजी सेट बंद पाया गया था। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू और आईसीयू में इनवर्टर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे, लेकिन 10 घंटे बाद अचानक एनआईसी में फॉल्ट आने के बाद रात में अचानक अफरा तफरी का माहौल बन गया। इसकी सूचना जैसे ही प्रबंधन को मिली तो, एंबुलेंस की टीम एनआईसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए एनआईसीयू पहुंची, जहां सुरक्षित तरीके से भर्ती नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में शिफ्ट कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।

पढ़ें ये खास खबर- सरकारी जमीन पर काट दिये प्लॉट और स्कूल, हर महीने वसूलता था लाखों किराया, प्रशासन ने किया जमीदोज


नवजात शिशुओं की जान बचाने जुटे नर्सिंग स्टाफ

इधर, जानकारी लगते ही बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग के नर्सिंग स्टाफ नवजात शिशुओं को शिफ्ट करने के लिए जुट गए और तत्काल में नर्सिंग स्टाफ ने नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल में शिफ्ट कराने का प्रयास किया। हालांकि, शिफ्ट करने से पहले ये जानकारी ली गई कि, वहां पर कितने नवजात शिशु भर्ती हैं, तो पाया गया कि, वहां 13 बच्चे भर्ती हैं। जानकारी के मुताबिक, एनआईसीयू में कुछ बच्चे ऐसे थे, जिन्हें एसएनसीयू की जरूरत ही नहीं थी। उन्हें एनआईसीयू में भर्ती किया गया है।समाचार लिखे जाने तक अप्रिय घटना की कोई जानकारी नहीं है।

पढ़ें ये खास खबर- रेत माफिया की करतूत : नदी पर बीच धार बना डाली सड़क, नदी का स्वरूप बिगड़ा, आंख मूंदे रहे जिम्मेंदार


क्या कहते हैं जिम्मेदार

बीएमसी के प्रभारी डीन डॉ आरएस वर्मा ने बताया कि, एनआईसीयू में फॉल्ट होने के कारण एक वॉर्मर अचानक बंद हुआ था, उसकी वजह से 9 और बंद हो गए थे। जैसे ही इसकी जानकारी मिली तो नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल शिफ्ट कराया गया है। फिलहाल, सभी नवजात सुरक्षित है। साथ ही, फॉल्ट के कारणों की जांच की जाएगी।

नशे में धुत ट्रक ड्राइवर टेंपो को टक्कर मारकर सड़क पर घसीटते हुए ले गया, देखें Live वीडियो

संबंधित खबरें