
सहारनपुर/देवबंद. लखनऊ में आयोजित स्वराज की 101वीं जयंती के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में एक मुस्लिम स्कूली छात्रा आलिया खान द्वारा भगवान कृष्ण का रूप धारण कर गीता के श्लोक पड़ने पर देवबंदी आलिम ने कड़ी नाराजगी जताई है। देवबंदी विद्वान ने कहा है कि यह गलत है और एक मुस्लिम बच्चे को इस तरह से रूप धारण कराना और उससे गीता के श्लोक कहलाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कोई मुस्लिम ऐसा रूप धारण करता है या इस्लाम विरोधी काम करता है तो ऐसा करना शिर्क की श्रेणी में आता है।
ऑनलाइन फतवा विभाग के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारुकी ने आलिया खान के इस तरह कार्यक्रम मे भाग लेने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी मुसलमान बच्ची या बच्चे का जो स्कूल के तालिब इल्म है (छात्र हैं) उस बच्चे के लिए किसी मजहब की ऐसी बातों का या ऐसे रूप इख्तियार करना जो इस्लाम मुखालिफ हैं वह शिर्क कहलाता है। इसलिए इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं है। इस वास्ते अगर किसी तालिब इल्म (छात्रा) ने गीता के कुछ शब्द और श्लोक पढ़े हैं और कृष्ण का रूप इख्तियार किया है, अगर इसमें कहीं शिर्क जैसी बात है तो इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है। किसी स्कूल के लिए भी यह दुरुस्त नहीं है। ऐसी बातें या ड्रामों में और ऐसे प्रोग्रामों में मुसलमान बच्चों को शामिल ना करें जो उनके मजहब के खिलाफ हो।
Published on:
31 Dec 2017 09:50 am
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