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Exclusive: सीएम योगी आदित्यनाथ के कैराना पहुंचने से पहले दो बड़े विरोधी नेता हुए एक, भाजपा में खलबली

कैराना उपचुनाव के इस दौर में वर्षों की दुश्मनी भुलाकर गले मिले ये कद्दावर नेता

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Kairana

Exclusive: सीएम योगी आदित्यनाथ के कैराना पहुंचने से पहले दो बड़े विरोधी नेता हुए एक, भाजपा में खलबली

शिवमणि त्यागी, सहारनपुर। कैराना उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वर्षों की दुश्मनी भुलाकर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने कैराना विधायक नाहिद हसन को गले लगा लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहारनपुर पहुंचने से पहले नाहिद हसन और इमरान मसूद के एक होने की इस घटना ने कैराना उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पिछले कई वर्षों से इन दोनों परिवारों के बीच मतभेद चल रहा था।

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पिछले चुनाव में सपा विधायक ने की थी सभाएं

2017 के विधानसभा चुनाव में सपा विधायक नाहिद हसन ने कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद के खिलाफ कथित रूप से कई सभाएं भी की थी। माना जा रहा था कि 2017 का बदला इमरान मसूद कैराना उपचुनाव में ले सकते हैं। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने हाल ही में एक सवाल के जवाब पर पत्रिका से बातचीत में कहा था कि कैराना में तबस्सुम हसन हों या कोई और हों, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। वह पार्टी के निर्देश पर काम करेंगे और केवल भाजपा को हराने के लिए काम करेंगे।

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इमरान मसूद ने दिया था यह बयान

कैराना उपचुनाव को लेकर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद के आए इस बयान से ही आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं कि दोनों परिवारों के बीच किस स्तर की तनातनी थी। इन दोनों परिवारों के बीच चल रही तनातनी से भाजपा के समीकरण मजबूत हो रहे थे। इससे पहले कि भाजपा को इन दो परिवारों के बीच चल रही तनातनी का मतदान के दिन लाभ मिलता, एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे काजी परिवार और मरहूम मुनव्वर हसन के परिवार वैचारिक मतभेद भुलाकर एक हो गए।

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ये भी रहे मौजूद

पूर्व विधायक और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद के आवास पर हुई बैठक में पूर्व मंत्री बलराम सिंह यादव के सामने इमरान मसूद और मुनव्वर हसन के पुत्र और कैराना के वर्तमान विधायक नाहिद हसन ने गले लगाकर अपने गिले-शिकवे भुला दिए। इमरान मसूद के आवास पर हुई इस बैठक ने विरोधी पार्टियों के दिल की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इस बैठक में दोनों ने गले मिलने के बाद गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन को भारी मतों से जिताने की बात कही। इस मुलाकात ने कैराना लोकसभा उपचुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन दोनों परिवार के मिलन का कैराना उपचुनाव पर क्या फर्क पड़ता है। इस दौरान इमरान मसूद के आवास पर पूर्व मंत्री बलराम सिंह यादव, बेहट विधायक नरेश सैनी, सहारनपुर देहात विधायक मसूद अख्तर, पूर्व विधायक माविया अली और गंगोह नगर पालिका पूर्व चेयरमैन नोमान मसूद मौजूद रहे।

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नाहिद की ओर से आया प्रस्ताव

आप सोच रहे होंगे कि दोनों परिवारों में कई वर्षों से चली आ रही तनातनी को खत्म करने के लिए शुरुआत किस ओर से की गई। सहारनपुर देहात से विधायक मसूद अख्तर का कहना है कि नाहिद हसन की ओर से प्रस्ताव आया था। नाहिद हसन खुद चलकर इमरान मसूद के आवास पहुंचे और उन्होंने कैराना उपचुनाव में प्रत्याशी तबस्सुम हसन को जिताने की बात कही और पुराने गिले-शिकवे खत्म करने का प्रस्ताव रखा। इस पर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने पुराने सभी गिले-शिकवे को दूर करते हुए नाहिद हसन को गले लगा लिया। विधायक मसूद अख्तर का कहना है कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए सभी को एक होना होगा और इसी के चलते यह मिलन हुआ है। इसके बाद क्या आज से कांग्रेसी तबस्सुम हसन के चुनाव प्रचार में निकलेंगे? इस प्रश्न के जवाब में विधायक मसूद अख्तर ने यही कहा कि पार्टी की ओर से जो भी दिशा-निर्देश होंगे, उनके तहत कैराना उपचुनाव में काम किया जाएगा।

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