
मौलाना मदनी का बड़ा बयान, कहा- मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल उठाए जा रहे है, देश को हिंदू राष्ट्र बनाने वाले लोग भ्रम में हैं
देवबंद। एक तरफ देश में चुनाव को लेकर तैयारियां चल रही है इस बीच जमियत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी का बड़ा बयान सामने आया है। शुक्रवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश नि:संदेह इतिहास के सबसे गंभीर दौर से गुजर रहा है, जिन परंपराओं और आधार पर आजाद भारत की बुनियाद रखी गई थी। उसे जानबूझकर खोखला कर दिया गया है। इसलिए संविधान की प्रतिष्ठा के साथ-साथ लोकतंत्र को भी जबरदस्त खतरा पैदा हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक विशेष विचारधारा को पूरे देश में लागू करके संवैधानिक चरित्र को तबाह करने की कोशिशें हो रही हैं।
मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल खड़े किए जाते है-
मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारोंं की निरंतर अनदेखी हो रही है और यदि यह सब कुछ आगे भी इसी तरह जारी रहा तो हमारे पूर्वजों ने जिस भारत का सपना देखा था वो साकार नहीं होगा बल्कि टूट कर बिखर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में हम पर दोहरी जिम्मेदारी है। एक ओर जहां हमें देश में एकता, शांति और अखण्डता को बढावा देना है, वहीं न्याय प्रिय लोगों को साथ लेकर हमें इन शक्तियों से लोहा भी लेना है, जो देश को एक वैचारिक राज्य में बदल देना चाहती हैं। मदनी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों के साथ जो कुछ होता रहा है उसे यहां दोहराने की आवश्कता नहीं। हर दिन नए मुद्दे उठाकर मुसलमानों को न केवल उकसाने का प्रयास हो रहा है बल्कि उन्हें दीवार से लगा देने का योजनाबद्ध षड्यंत्र भी होता रहा है। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि विशेष विचारधारा पर आधारित देश भक्ति का प्रोपेगंडा कर मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल खड़े किए जाते रहे हैं। लेकिन इस सब के बावजूद मुसलमानों ने जिस सब्र का प्रदर्शन किया,वो अद्भुत है। इसके लिए देश का एक बड़ा न्याय प्रिय वर्ग भी उन्हें प्रशंसा की दृष्टि से देखता है। उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति विशेषकर मुस्लिम अल्पसंख्यक और दलितों के लिए विभाजन के समय से भी गंभीर और खतरनाक हो चुकी है। एक तरफ जहां संविधान की प्रतिष्ठा को समाप्त करने की साजिश की जा रही है। वहीं न्याय के चरित्र को भी समाप्त कर देने के लिए खतरनाक तरीका अपनाया जा रहा है।
भ्रम फैलाकर नहीं कर सकते विकास-
मदनी ने आगे कहा कि जो लोग यह समझते हैं कि देश को हिंदू राष्ट्र के रास्ते पर लाकर उसे एक विकसित देश बना देंगे वो भ्रम में हैं। यह देश शांति, एकता और एकजुटता के रास्तेे पर चल कर ही विकास के रास्ते पर जा सकता है और इस विकास में देश के हर नागरिक का सहयोग शर्त है। मदनी ने स्पष्ट किया कि हमारी लड़ाई किसी विशेष राजनीतिक दल से नहीं बल्कि उन लोगों सेे है जो देश की सदियों पुरानी संस्कृति और आपसी मेल जोल की परंपरा को समाप्त कर उसे एक वैचारिक देश में ढालना चाहते हैं।
Updated on:
16 Mar 2019 12:59 pm
Published on:
16 Mar 2019 12:50 pm
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