24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सहारनपुर जातीय हिंसा: तत्कालीन प्रमुख सचिव व डीएम के खिलाफ मामला दर्ज

Highlights सहारनपुर जातीय हिंसा के पीड़िताें को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता ना दिए जाने पर तत्कालीन प्रमुख सचिव व जिलाधिकारी के खिलाफ परिवाद दर्ज किया गया है।

2 min read
Google source verification
court.jpg

good news for lawyers

पत्रिका न्यूज नेटवर्क, सहारनपुर ( Saharanpur ) करीब तीन साल पहले सहारनपुर के बड़गांव में हुई जातीय हिंसा के मामले में प्रमुख सचिव व तत्कालीन जिलाधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दाेनाें पर अनुसूचित जाति के पीड़ितों काे एससीएसटी एक्ट के अनुरूप लाभ नहीं दिए जाने के आराेप हैं।

यह भी पढ़ें: बिजनाैर पहुंचे आप सांसद संजय सिंह ने कहा अपराध राेकने में असफल याेगी सरकार करा रही फर्जी मुकदमें

एससीएसटी की विशेष अदालत के आदेश पर अब इसी मामले में तत्कालीन प्रमुख सचिव ( Principal Secretary ) समाज कल्याण मनाेज कुमार व तत्कालीन सहारनपुर जिलाधिकारी आलाेक कुमार पांडेय के खिलाफ परिवाद दर्ज किया गया है। एडवाेकेट राजकुमार के अनुसार शब्बीरपुर के ही रहने वाले दल सिंह ने विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट वीके लाल की अदालत में अर्जी दी थी।

यह भी पढ़ें: यूपी के मेरठ में बीजेपी का झंडा लगी कार में छात्रा से दुष्कर्म, हालत गंभीर

अपनी अर्जी में दल सिंह ने बताया था कि वह शब्बीरपुर में हई जातीय हिंसा के पीड़ित हैं। बड़गांव थाने में मुकदमा भी दर्ज है। दल सिंह ने बताया कि उन्हे समाज कल्याण की ओर से तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई जबकि मुकदमें की धाराओं के अनुसार उन्हे 8.25 लाख रुपये का अनुदान मिलना चाहिए था। इसके अलावा उन्हे पांच हजार रुपये महीना की मूल पेंशन के साथ महंगाई भत्ता और बच्चों की स्नातक तक मुफ्त पढ़ाई और सरकार द्वारा पूर्ण वित्त पाेषित आवासीय स्कूलों में एडमिशन का लाभ मिलना खा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

यह भी पढ़ें: Noida कपड़े में लिपटा मिला नवजात शिशु, पुलिस ने कराया अस्पताल में भर्ती हालत गंभीर

इस मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी से गुहार। इस पर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने 17 जून 2020 काे प्रमुख सचिव समाज कल्याण काे पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई लेकिन काेई जवाब नहीं मिला। अब विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट वीके लाल ने अपने आदेशों में कहा है कि महामहिम के आदेशाें की अवमानना और एससीएसटी एक्ट की धारा 4 की अवमानना राजद्रोह की श्रेणी में आती है। इस आधार पर न्याायलय ने दाेनाें के विरूद्ध परिवाद के रूप में मामला दर्ज कर 19 नवंबर काे सुनवाई की तिथि तय की है।