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यूपी के अंतिम जिले में जल्द बनेगा प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व

शिवालिक रेंज को राजाजी नेशनल पार्क का हिस्सा बनाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अगर सब कुछ याेजना के मुताबिक हुआ ताे जल्द शिवालिंक रेंज में भी टाईगर विचरण करते हुए दिखाई देंगे।

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यूपी अंतिम जिले में जल्द बनेगा प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व

सहारनपुर ( Saharanpur ) यूपी को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की सीमा से जोड़ने वाले जिले सहारनपुर में जल्द प्रदेश का चौथा टाइगर ( Tiger ) रिजर्व बनेगा। यह घोषणा अंतर्राष्ट्रीय टाइगर दिवस पर की गई। इस मौके पर डाक और तार विभाग की ओर से शिवालिक पहाड़ियों में जैव विविधता और हैदरपुर वेटलैंड पर आधारित डाक विभाग के लिफाफे भी जारी किए गए।

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कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच एक सादे समारोह के दौरान इन डाक टिकट के लिफाफों को जारी किया गया। इस मौके पर सहारनपुर कमिश्नर संजय कुमा,र डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल, वन संरक्षक वीरेंद्र कुमार जैन और नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह मौजूद रहे। डाक लिफाफों को जारी करते हुए डाक तार विभाग के अधीक्षक नरसिंह ने बताया कि यह भी लिफाफे विशेष रूप से तैयार किए गए हैं । इन लिफाफे पर हैदरपुर वेटलैंड की तस्वीरें जारी की गई हैं। इससे अब देश और दुनिया में हैदरपुर वेटलैंड का प्रचार होगा और ऐतिहासिक वेटलैंड को लोग जान सकेंगे।

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इस मौके पर कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि शिवालिक की पर्वत मालाएं और वन क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए जीवनदायिनी हैं ऑक्सीजन की तरह हैं। शिवालिक वन क्षेत्र को टाइगर रिजर्व बनाए जाने की प्रक्रिया विचाराधीन है और इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि शिवालिक की पहाड़ियां करीब पांच लाख वर्ष पुरानी हैं। इससे भी अधिक हैरान कर देने वाली बात यह है कि इनका निर्माण अभी भी जारी है इनके बनने की प्रक्रिया अभी भी जारी है।

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आपकाे यह जानकर हैरानी हाेगी कि, आज से करीब 15 वर्ष पूर्व शिवालिक की पहाड़ियों में टाइगर बेखौफ घूमा करते थे और उनकी दहाड़ पर्यटकों के कानों तक सुनाई पड़ती थी लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं है। यह अलग बात है कि 33 हजार हेक्टेयर में फैले शिवालिक वन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अभी भी टाइगर के विचरण करने की तस्वीरें सामने आई हैं। इसी काे देखते हुए अब शिवालिक वन क्षेत्र काे राजाजी नेशनल पार्क का हिस्सा बनाए जाने की प्रकिया चल रही है।

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