
बेहोश पेट्रोल पंप मैनेजर को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे लोग
Bihar News:बिहार के समस्तीपुर में हसनपुर थाना क्षेत्र से 16 अप्रैल से लापता 32 वर्षीय वरुण कुमार बेगूसराय के गढ़पुरा इलाके में बेहोशी की हालत में मिला है। वरुण के पास पेट्रोल पंप के 17 लाख रुपये थे, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। युवक की हालत बेहद गंभीर है और उसका इलाज फिलहाल बेगूसराय सदर अस्पताल में चल रहा है।
वरुण यादव बड़गांव में स्थित 'त्रिदेव ऑटो सर्विस' नाम के एक पेट्रोल पंप पर मैनेजर के तौर पर काम करता था। पेट्रोल पंप के मालिक शोभाकांत राय के अनुसार, 15 अप्रैल को वरुण 17 लाख रुपये लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा की बिथान शाखा में जमा करने के लिए निकला था। दोपहर में उसने उन्हें बताया कि वह बैंक में है। हालांकि, जब शाम में उससे फोन पर बात हुई तो उसने कहा कि सर्वर फेल होने के कारण पैसे जमा नहीं हो पाए और वह नकद लेकर घर लौट रहा है। इसके बाद अगले दिन 16 अप्रैल को वरुण से आखिरी बार दोपहर करीब 12 बजे बात हुई थी, उस समय उसने बताया था कि वह पैसे जमा करने के लिए बैंक जा रहा है। उसके कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया।
जब वरुण घर नहीं लौटा और उसका फोन भी नहीं लग रहा था, तो उसके परिवार वालों में घबराहट फैल गई। उसकी पत्नी विभा देवी ने हसनपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और परिवार वालों ने बिथान और आस-पास के इलाकों में लगे CCTV फुटेज को लगातार खंगाला, लेकिन वरुण का कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
19 अप्रैल को वरुण के भाई को सूचना मिली कि बेगूसराय के गढ़पुरा थाना क्षेत्र में हरिगिरिधाम के पास बड़िया बांध के किनारे एक युवक बेहोश पड़ा है। पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस उसे एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले गई, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। मौके से वरुण की मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 17 लाख रुपये से भरा एक बैग गायब था।
इस मामले में अब दो पक्ष सामने आ रहे हैं। पेट्रोल पंप मालिक शोभाकांत राय को संदेह है कि यह पूरा मामला पैसे गबन करने का हो सकता है। उनका कहना है कि सभी खातों को संभालने की पूरी जिम्मेदारी वरुण की ही थी, और संबंधित राशि बैंक स्टेटमेंट में दिखाई नहीं दे रही है।
इसके विपरीत, वरुण के चचेरे भाई ललटुन यादव का कहना है कि वरुण बैंक पहुंचे ही नहीं, क्योंकि CCTV फुटेज में वो दिखाई नहीं दिए हैं। उन्हें संदेह है कि रास्ते में उसके साथ कोई बड़ी अनहोनी हुई होगी या फिर उसे किसी ऐसे व्यक्ति ने नशीला पदार्थ खिलाकर लूट लिया होगा जिसका मकसद ही उसे लूटना था।
गढ़पुरा के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) राहुल कुमार और हसनपुर पुलिस मिलकर इस मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस के सामने मुख्य सवाल ये हैं कि क्या वरुण को रास्ते में लूट लिया गया और फिर नशीला पदार्थ खिलाकर वहीं छोड़ दिया गया? या फिर 17 लाख रुपये के गबन को हादसा दिखाने के लिए यह पूरी कहानी गढ़ी गई है?
वरुण यादव फिलहाल गहरे सदमे या नशीले पदार्थ के असर के कारण कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। पेट्रोल पंप के कर्मचारी, पुलिस और उसके परिवार के सदस्य, सभी उसके होश में आने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद इस मामले के पीछे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
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Updated on:
20 Apr 2026, 8:44 AM IST
Published on:
20 Apr 2026, 8:44 AM IST
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