तत्कालीन क्षय रोग अधिकारी डॉ मनोज सिंह तोमर ने बताया, कुछ पीडि़तों की स्फूटम रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है, लेकिन इन्हें एक्स-रे जांच में टीबी की पुष्टि होती है। एेसे पीडि़तों को डॉट्स की दवा आरंभ कर दी जाती है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से क्षय रोग पीडि़तों को इलाज के साथ पौष्टिक आहार के लिए सहायता राशि प्रदान की जा रही है।