29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बीपी और स्ट्रोक के मरीजों के लिए संजीवनी का काम करता है जामुन

डाइट में करें शामिल, कई बीमारियों से लडऩे की मिलेगी क्षमता
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सतना

•

image

Jyoti Gupta

•

Updated: 31 Jul 2018, 9:37 PM IST

black berries work in Sanjivani for bp and stroke patients

black berries work in Sanjivani for bp and stroke patients


सतना. गर्मी और बारिश के मौसम में फ लने वाला जामुन ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक के रोगियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। आहार विशेषज्ञ चिकित्सक इस फल के साथ इसके बीजों को सुखाकर इस्तेमाल की सलाह देते हैं । उनका कहना है कि यह फल खाने से हम कई प्रकार की बीमारियों से बच सकते हैं। क्योंकि अब यह बाजारों में भी उपलब्ध है तो हर दिन इसे मौसमी फल के रूप में अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। ये खाने में भी बहुत स्वादिष्ट होता है और दूसरों फलों की अपेक्षा बेहद सस्ता भी होता है। जामुन रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है।

शुगर के मरीज के लिए औषधि से कम नहीं
मौसमी फ ल जामुन शुगर के मरीज को होने वाली समस्याओं जैसे बार बार प्यास लगना बार बार यूरिन आदि आने से लाभ पहुंचाता है। जामुन में पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में होती है जो कि व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर अटैक और स्ट्रोक से बचाता है किसी के शरीर में खून की कमी हो तो जामुन का सेवन करने से खून का स्तर बढ़ जाता है। आप दिन में भोजन के बाद जामुन खाकर हमेशा के लिए स्वस्थ रह सकते हैं।

बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता
जामुन में पाए जाने वाले पोषक तत्व जैसे कैल्शियम आयरन और विटामिन प्रचुर मात्रा में होते हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं । जामुन के फ लों का रस निकालकर रखा जा सकता है कभी भी इसे उल्टी आने या फिर याददाश्त बढ़ाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

मोटापा कम करने में सहायक
जामुन खाने से पेट की समस्याओं से निजात मिलता है। इसे पाचन संबंधी दिक्कत सही होती है। जब पाचन क्रिया अच्छी होती है तो खाना आसानी से पच जाता है। पेट के कीड़े की समस्या में राहत मिलती है। एसिडिटी दूर होती है । जिसके चलते मोटापा तो कम होता ही है साथ ही मुंह में छाले होने पर भी लाभ देती है। जामुन इंसान को विभिन्न रोगों से लडऩे की क्षमता प्रदान करती है।