
cm helpline: cm helpline mp online complaint status
सतना। सरकारी कामकाज का बैरोमीटर मानी जाने वाली सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरण बता रहे कि जिले में सरकारी मशीनरी बेहतर काम नहीं कर रही। हालत यह है कि जिले में 12 हजार से ज्यादा शिकायतों का निपटारा अभी तक नहीं हो सका है। सबसे गंभीर बात यह है कि जिला स्तर पर निपटने वाली शिकायतें अब शासन स्तर तक पहुंच गई हैं। हालत यह है कि 7 हजार के लगभग शिकायतें निराकरण के लिए शासन स्तर तक पहुंच चुकी हैं जबकि इनका निराकरण जिले में हो सकता था।
लंबित शिकायतों में सर्वाधिक पंचायतीराज और बिजली कंपनी की हैं। जिले में सीएम हेल्प लाइन की लंबित शिकायतों की स्थिति देखें तो इनकी कुल संख्या 12796 हैं। जिनमें सर्वाधिक7383 लंबित शिकायतें एल 4 अर्थात शासन स्तर तक पहुंच चुकी हैं। एल-वन स्तर की शिकायतों की संख्या 3278 हैं, एल-2 की संख्या 789 तथा एल-3 की 1346 हैं।
यहां लंबित हैं सर्वाधिक शिकायतें
सीएम हेल्पलाइन में सर्वाधिक लंबित शिकायतों वाले विभागों को देखें तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास में सर्वाधिक 2528 शिकायतें लंबित हैं। इसमें एल-1 में 183, एल-2 में 55, एल-3 में 111 व एल-4 में 2179 शिकायतें शामिल हैं। बिजली कंपनी लंबित शिकायतों के मामले में दूसरे स्थान पर है। यहां 2211 शिकायतें लंबित हैं। जिसमें एल-1 में 294, एल-2 में 164, एल-3 में 310 तथा एल-4 में 443 हैं। पीएचइ में 698, संस्थागत वित्त में 660, स्कूल शिक्षा 626, राजस्व विभाग की 614, स्वच्छ भारत मिशन की 512, मनरेगा की 455, नगरीय निकायों की 364 शिकायतें लंबित हैं।
इन विभागों में 100 से ज्यादा लंबित
100 से ज्यादा लंबित शिकायतों वाले विभागों की स्थिति देखें तो खाद्य आपूर्ति विभाग, लीड बैंक, सहकारिता विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फसल बीमा, मध्याह्न भोजन, राज्य शिक्षा केन्द्र, राहत विभाग, किसान क्रेडिट कार्ड, निर्वाचन शाखा, कलेक्ट्रेट शाखा, महिला बाल विकास विभाग, वन विभाग, नगर निगम का पेयजल, सामाजिक न्याय, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, भू-अर्जन, जिला अस्पताल और सामान्य प्रशासन विभाग में 100 से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं।
इन विभागों में दो अंक
100 से कम और 10 से ज्यादा लंबित शिकायतों में देखें तो लोनिवि, नगर निगम की साफ सफाई, कृषि विभाग, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन, खसरा खतौनी, सीमांकन, कौशल विकास, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, ईएसआई, वन विभाग, कृषि उपज मंडी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, परिवहन विभाग आदि शामिल हैं।
कलेक्टर ने जताई नाराजगी
सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों को लेकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट चेताया है कि प्रत्येक दिन विभाग अपने यहां सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही संकेत दिए हैं कि जल्द ही इसकी वृहद समीक्षा भी करेंगे।
लोक सेवा के हाल बेहाल
यही स्थिति लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों की है। 22687 आवेदन लंबित हैं। जिनमें 369 समय सीमा के बाहर हैं। इसी तरह प्रथम अपील के 16 प्रकरण समय सीमा से बाहर हो गए हैं।
Published on:
28 Dec 2018, 3:05 PM IST
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