
marksheet distribution
सतना. इस वर्ष हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम खराब आने से स्कूल शिक्षा विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है। यह स्थिति तब है जब बेस्ट फाइव सब्जेक्ट के आधार पर परिणाम घोषित किये गए हैं। ऐसे में अब लगातार समीक्षाओं का दौर जारी है। जिला स्तर पर अलग समीक्षाएं हो रही हैं तो संभाग स्तर पर अलग से विश्लेषण किए जा रहे हैं। इससे इतर राजधानी में भी समीक्षा की जा रही है। इस दौरान आयुक्त लोक शिक्षक जयश्री कियावत ने खराब परिणाम के कारणों का पता लगाने के लिये फिर से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जांच और विश्लेषण का निर्णय लिया है। इस संबंध में उन्होंने मंडल को मापदण्ड तय करते हुए चिन्हित उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के प्राप्तांक देखने के निर्देश दिए हैं और उसके परिणामों को तय प्रारूप में एक सप्ताह में तलब किया है।
आयुक्त लोक शिक्षण ने कहा है कि हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम गत वर्ष से न्यून रहा है। न्युन परिणाम के विश्लेषण के लिये जरूरी है कि छात्रों को विषय विशेष के किस भाग के प्रश्र अधिक कठिन लगे हैं जिससे परीक्षा परिणाम अपेक्षा अनुसार नहीं आया इसका पता लगाया जाए। यह तभी पता चल सकता है जब उत्तर पुस्तिकाओं के प्रश्रवार उत्तरों का विश्लेषण किया जाए।
इस तरह होगा मूल्यांकन
आयुक्त लोक शिक्षण ने बताया है कि जिले के मूल्यांकन केन्द्र में जिन परीक्षा केन्द्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ है उसमें से 10 परीक्षा केन्द्रों के चार श्रेणी के प्राप्तांक 20 से 33, 34 से 45, 46 से 60 और 61 से 80 के बीच अंक प्राप्त करने वाले वाले प्रत्येक श्रेणी के दस-दस विद्यार्थियों के विज्ञान, गणित, अंग्रेजी एवं सामाजिक विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं से प्रश्नवार प्राप्तांकों की जानकारी तैयार की जाए। इसे तय प्रारूप में तैयार कर एक सप्ताह के अंदर संचालनालय को भेजा जाए।
हर प्रश्र के प्राप्तांक का देना होगा ब्यौरा
आयुक्त लोक शिक्षण ने जो प्रारूप भेजा है उसमें दसवी के प्रश्रपत्र में जितने प्रश्र आए थे उसका विषयवार, प्रश्रवार आवंटित अंक क्या था और परीक्षार्थी को कितने अंक मिले हैं इसकी जानकारी अलग अलग देनी होगी। इसके बाद पूरे प्रदेश के डाटा का विश्लेषण किया जाएगा कि आखिर किस विषय में विद्यार्थी कहां कमजोर हैं और इस कमजोरी की वजह क्या है?
Published on:
01 Jun 2019 12:29 am
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