
MP State-level school competition big news in hindi
कमलेंद्र शुक्ला @ सतना। खिलाडिय़ों के साथ बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। राज्यस्तरीय खेलने के लिए गए 150 खिलाडिय़ों को ट्रेन में धक्के खाते हुए सफर करना पड़ा। वह भी 10-20 किमी. नहीं, बल्कि 750 किमी तक। बताया गया कि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने रिजर्वेशन नहीं कराया। इसके चलते खिलाडिय़ों का एक भी टिकट कन्फर्म नहीं हो सका। ऐसे में ज्यादातर खिलाडिय़ों को ट्रेन में जगह नहीं मिली। लिहाजा, वे खड़े-खड़े सफर करने को मजबूर थे।
ये है मामला
दरअसल, 24 जुलाई से इंदौर और उज्जैन में शुरू होने वाली राज्यस्तरीय शालेय स्पर्धा में शामिल होने के लिए ये खिलाड़ी सोमवार को रवाना हुए। स्पर्धा में तैराकी, वाटर पोलो, थाई बॉक्सिंग, ड्राइविंग, वुशु व किक बॉक्सिंग के मुकाबले होने है। इसमें सतना, रीवा, सीधी व सिंगरौली जिले के करीब 150 खिलाडिय़ों को शामिल होना था। ये मुख्य रूप से अंडर 14, 17 और 19 आयु वर्ग थे।
अलग-अलग कोच में बिना रिजर्वेशन के चढ़ा दिया
सोमवार को जब ये स्टेशन पहुंचे, तो पता चला कि रेवांचल में सफर करना है, लेकिन टिकट कन्फर्म नहीं है। जिम्मेदार अधिकारियों ने खिलाडिय़ों को अलग-अलग कोच में बिना रिजर्वेशन के चढ़ा दिया। खिलाडिय़ों की संख्या ज्यादा होने के कारण कोई यात्री मदद को भी तैयार नहीं था। बताते हैं कि ट्रेन की गैलरी व दरवाजे के पास खड़े होकर खिलाडिय़ों ने सफर किया। इसका असर उनके प्रदर्शन पर भी देखने को मिला।
एक गलती भारी पड़ी
बताया गया, खेल प्रशिक्षक यशवंत सिंह द्वारा 20 जुलाई शनिवार को जबलपुर डीआरएम ऑफिस से कंसेशन आदेश बनवाकर लाया गया था। लेकिन, उसमें एक्सपायरी डेट 19-8-2018 की जगह 19-7-2018 दर्ज थी। इस आदेश को लेकर वे रीवा रिजर्वेशन कराने पहुंचे। वहां रेलवे अधिकारी ने बताया कि डेट एक्सपायरी हो चुकी है। जबलपुर से दूसरा लेटर बनवाना पड़ेगा। दूसरे दिन रविवार होने के कारण काम नहीं हो सका। तब आनन-फानन में सोमवार 23 जुलाई को सीपी सिंह दल प्रमुख व व्यायाम शिक्षक हर्रई रामनगर को फिर जबलपुर भेजा गया। वहां दूसरा लेटर बना, जिसके बाद रिजर्वेशन तो हो गया, लेकिन एक भी सीट कन्फर्म नहीं हुई।
अधिकारियों का एक ट्रेन का रोना
संभागीय खेल प्रभारी आइपी तिवारी का कहना है कि रीवा से भोपाल तक के लिए केवल एक ही ट्रेन चल रही है। उसमें टिकट को लेकर काफी मारा-मारी मची रहती है। इसके कारण बहुत वेटिंग थी और टिकट कन्फर्म नहीं हो सकी। लेकिन फिर भी खिलाडि़यों को आरएसी में भेजा गया है। वहीं दूसरी ओर इंदौर व उज्जैन खेलने गये खिलाडि़यों का कहना है कि एक भी सीट नहीं मिली। जिस कारण हमें कई समस्याओं का सामना करते हुए इंदौर व उज्जैन तक खड़े-खड़े सफर तैय करना पड़ा है।
जहां पाए वहीं बैठ गए
बताया गया कि ट्रेन में खिलाडिय़ों को जहां जगह मिली, वहीं पर सो भी गए। अन्य व्यक्ति की बर्थ पर बैठने के कारण उन्हें बार-बार इधर से उधर भागना पड़ रहा था। कुछ खिलाड़ी ट्रेन में शौचालय के पास तो कुछ सामान्य कोच में भी यात्रा करने को मजबूर हुए।
कैसे होगा उम्दा प्रदर्शन
मामले में जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ऐन मौके पर खिलाडिय़ों को उज्जैन व इंदौर ले जाया गया। वो भी ट्रेन में धक्का खाते हुए। थके हारे खिलाड़ी कैसे अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्हे रेस्ट का मौका ही नहीं मिला। समय रहते सभी कदम उठाए जाते, तो बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद भी की जाती।
रिजर्वेशन कराने का समय नहीं मिला
जैसे ही संभाग स्तर के खेल समाप्त होते हैं, तो लिस्ट आने के बाद रिजर्वेशन के लिए भेज दी जाती है। इतना व्यस्त कार्यक्रम है कि रिजर्वेशन करवाने का समय ही नहीं मिल पाता। रीवा से भोपाल के लिए एक ही ट्रेन है। इसके कारण उसमें इतनीवेटिंग रहती है कि कभी-कभी एेसी समस्या आ ही जाती है।
एसएन तिवारी, जेडी रीवा
यह सही है कि इंदौर व उज्जैन जाने वाले खिलाडि़यों की टिकट कन्फर्म नहीं हो सकी। लेकिन उन्हें बाद में व्यवस्था करवा कर आरएसी में भेजा गया है। स्पर्धाएं इतनी जल्दी होती हैं कि रिजर्वेशन करवाने का ज्यादा समय ही नहीं मिल पाता है। इसलिए एेसी अव्यवस्था होती है।
आइपी तिवारी, संभागीय खेल प्रभारी रीवा
Published on:
25 Jul 2018, 11:48 AM IST
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