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एमपी को मिलेगा एक और नेशनल हाईवे, सैंकड़ों किसानों की जमीनें लेगी सरकार

Satna Chitrakoot Highway : राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 35 का शाखा मार्ग कहे जाने वाले नेशनल हाइवे नंबर 135-बीजी का सतना-चित्रकूट टू लेन रोड जल्द ही फोर लेन बनने जा रहा है। इसका डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी नियुत की गई है।

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Satna Chitrakoot Highway

Satna Chitrakoot Highway :मध्य प्रदेश के सतना जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 135 बीजी के सतना-चित्रकूट खंड के टू-लेन रोड को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। हाइवे चौड़ीकरण के इस कार्य के लिए एनएचएआई ने डीपीआर तैयार करने कन्सल्टेंट एजेंसी भी नियुक्त की गई है। नेशनल हाइवे नंबर 135-बीजी राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 35 का ही एक शाखा मार्ग है। ये चित्रकूट धाम से मैहर की तरफ जाता है। अब इस मार्ग को फोरलेन बनाया जाना है।

फिलहाल, इस हाइवे का सतना-मैहर हिस्सा टू-लेन सीसी तैयार हो चुका है। भारत माला प्रोजेक्ट के तहत इस हाइवे के सतना-चित्रकूट खंड को टू-लेन से फोर-लेन किया जाना है। एनएचएआई ने डीपीआर तैयार करने में इंटरकॉन्टीनेंटल कंसल्टेंट एवं टेनोक्रेट प्रा.लि. को कन्सल्टेंट नियुत किया है। कन्सल्टेंट कंपनी डीपीआर तैयार करने के लिए सतना-चित्रकूट खंड में हाइवे चौड़ीकरण के लिए अलाइमेंट तैयार करेगी और आवश्यक भू-अर्जन का प्लान तैयार करेगी।

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राजस्व गांवों के नक्शे मांगे

टू-लेन रोड को फोर-लेन में बदलने के लिए जरूरी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत, एनएचएआइ ने प्रभावित राजस्व गांवों के नँशे राजस्व अधिकारियों से तलब किए हैं। परियोजना निदेशक एनएचएआइ ने संबंधित तहसील के अनुविभागीय अधिकारी से प्रभावित गांवों की जानकारी प्रदान की है, ताकि अलाइमेंट तैयार किया जा सके।

इन गांवों के नक्शे मांगे गए

रघुराजनगर तहसील के ग्राम चौरा, चौराखुर्द, बराकलां, कुडिया, चौरा वृद, खूजा पैपखार, रामपुर कोठार, भाद वृ, मझगवां, बगहा कोठार, खैरा पैपखार, गिदुरी, करही हरमल्ला, करही कोठार के राजस्व नक्शे मांगे गए हैं। साथ ही, मझगवां तहसील के ग्राम कामता, रजौला, पथरा चौबे जागीर, पड़वनिया जागीर, जुड़ेही, पड़वनिया खालसा, पिण्डरा, रमपुरवा, मझगवां, चौरेही, हिरौदी, दलेला, कोठरिया, कठौता, धरगंदा के नक्शे मांगे गए हैं। बिरसिंहपुर तहसील के ग्राम पचौर का भी नक्शा मांगा गया है। परियोजना निदेशक ने राजस्व अधिकारियों से कहा है, नक्शों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से पूरी करें।

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बढ़ते ट्रैफिक से चौड़ीकरण की प्रक्रिया में तेजी

सतना-चित्रकूट खंड को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया कई वर्षों से लंबित थी। पहले इस मार्ग पर ट्रैफिक लोड कम होने के कारण एनएचएआई ने इस परियोजना को स्थगित कर दिया था। अब सतना-मैहर खंड का हाइवे शुरू हो चुका है और अयोध्या से चित्रकूट जुड़ने के कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक लोड बढ़ा है। इस बदलाव को देखते हुए एनएचएआई ने अब इस सड़क को फोर-लेन बनाने की दिशा में काम कर रही है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

मामले को लेकर परियोजना निदेशक आनंद प्रसाद ने बताया कि, सतना-चित्रकूट टू लेन हाइवे को फोरलेन करने की डीपीआर तैयार करने की कन्सल्टेंट एजेंसी तय कर दी गई है। इसका अलाइमेंट तैयार करने के लिए एसडीएम से राजस्व ग्रामों के नक्शे मांगे गए हैं।