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Satna: एसडीएम से असंसदीय भाषा का प्रयोग करता है जेएसओ

एसडीएम पर भारी पड़ रहा मातहत अधिकारी कार्रवाई के लिये एसडीएम को लिखना पड़ा कलेक्टर को पत्र राजनीतिक दबाव में नहीं हो रही कोई कार्रवाई  

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Satna: एसडीएम से असंसदीय भाषा का प्रयोग करता है जेएसओ

Satna: JSO uses unparliamentary language from SDM

सतना. जिले में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी (जेएसओ) कितना शक्तिशाली है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह एसडीएम से असंसदीय भाषा का उपयोग करता है। यह स्थिति तब है जब विगत सोमवार को कलेक्टर ने चेताया था कि अगली टीएल तक अमरपाटन में निवास करना शुरू कर दें अन्यथा निलंबित कर दिए जाएंगे। अब हालात यह है कि एसडीएम को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पर कार्रवाई के लिये कलेक्टर को पत्र लिखना पड़ रहा है।

कलेक्टर को यह बताया एसडीएम ने

कलेक्टर को लिखे पत्र में एसडीएम रामनगर ने बताया है कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी रामनगर बृजेन्द्र जड़िया कभी कभार ही अनुविभागीय अधिकारी रामनगर के कार्यालय में उपस्थित होते हैं। इस वजह से इनके द्वारा इस अनुभाग अंतर्गत आने वाले शासकीय उचित मूल्य की दुकानों सहित अन्य जानकारियां समय से प्राप्त नहीं हो पाती है। राशन दुकानों में पर्याप्त नियंत्रण स्थापित नहीं हो पा रहा है। इस कारण हितग्राहियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम कार्यालय में मिलने वाली शिकायतों का भी जेएसओ के प्रतिवेदन के अभाव में समय सीमा में निराकरण नहीं किया जा पा रहा है। इनको लेकर कई सीएम हेल्पलाइन भी निराकृत नहीं हो पा रही है। इस दिशा में जडि़या का ध्यान नहीं जाता है।

करता है असंसदीय भाषा का प्रयोग

चौकाने वाली बात एसडीएम ने अपने पत्र में जो कलेक्टर को बताई है उसमें एसडीएम ने स्पष्ट लिखा है कि 'दूरभाष से बुलाए जाने पर व जानकारी लिये जाने पर असंसदीय भाषा का उपयोग करते हुए कहा जाता है कि मैं कार्य कर रहा हूं और मेरा कोई कार्य पेडिंग नहीं है।' एसडीएम ने संबंधित जेएसओ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये लिखा है।

राजनीतिक दखल भारी

बताया गया है कि इस विभाग में पदस्थ अधिकारियों के मनमानीराज के पीछे की सबसे बडी वजह राजनीतिक दखलंदाजी है। यही वजह है कि समय सीमा बैठक में कलेक्टर निर्देश तो देते हैं और उनका पालन कलेक्टर के निर्देशों की तरह नहीं होता है।