
दिगंबर वर्मा की फाइल फोटो: पत्रिका
SMS Hospital Fire: सवाईमानसिंह अस्पताल जयपुर में हुए भीषण अग्निकांड के चलते उपखंड क्षेत्र के जलालपुरा गांव के दिगंबर वर्मा की उपचार नहीं चलने से मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजन सदमे में है और बार-बार यही कह रहे हैं कि काश वे बेटे को इलाज के लिए जिला अस्पताल में ले जाते तो शायद उनका बेटा बच जाता। बता दें कि जलालपुरा निवासी दिगंबर (37) पुत्र बद्रीलाल वर्मा रविवार को शाम करीब सात बजे के बीच सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था।
उसे तत्काल सामुदायिक चिकित्सा केंद्र बौंली लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजन उसे जयपुर स्थित सवाईमानसिंह अस्पताल (एसएमएस) लेकर पहुंचे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
भर्ती होने के करीब एक घंटे बाद ही एसएमएस अस्पताल के एक सेंटर में भीषण आग लग गई। हादसे के चलते दिगंबर को इलाज नहीं मिलने के चलते उसकी मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक घटना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
तीन भाइयों में सबसे बड़ा था ग्रामीण चंद्रवीर सिंह ने बताया कि दिगंबर वर्मा तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। डेढ़ साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। दिगंबर वर्मा के डेढ़ साल की बेटी है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। वह गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी का काम करता था। मौत का समाचार सुनकर परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
Updated on:
7 Oct 2025, 12:11 PM IST
Published on:
7 Oct 2025, 12:08 PM IST
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