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राजस्थान में रणथंभौर बाघ परियोजना और उसके दूसरे डिविजन यानी करौली का कैलादेवी अभयारण्य दोनों एक साथ वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आए हैं। दरअसल रणथंभौर बाघ परियोजना की खंडार रेंज में बाघिन टी 122 चार शावकों के साथ फोटो ट्रेप कमरे में कैद हुई है।
वहीं दूसरी और करौली के कैलादेवी अभ्यारण में बाघिन आरटी 2303 दो शावकों के साथ फोटो ट्रेप कमरे में कैद हुई है। एक साथ दो बाघिनों के शावकों के साथ नजर आने और रणथंभौर और करौली के कैलादेवी अभ्यारण में कुल मिलाकर 6 नए नन्हे मेहमानों के नजर आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है।
बाघिन टी-69 के मादा शावक को टाइगर आइडी टी-122 व इसके नर शावक को टाइगर आइडी टी-123 मिली थी। फिलहाल बाघिन की उम्र छह से सात साल है। यह रणथंभौर की युवा बाघिन है, जो रणथंभौर के नॉन टूरिज्म एरिया में रहती है। बाघिन की टेरेटरी की खंडार रेंज में प्रेत देह, सकरोदा घाटी, कसेरा, आम चौकी, हतयारी दांत, संकरया, जेल खो, कटी घाटी तिराहा, छोर गली वन क्षेत्र है।
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बाघिन के शावकों को जन्म देने की खुशी को वन मंत्री संजय शर्मा ने भी सोशल साइट एक्स पर ट्वीट किया है। वन विभाग से मिली जानकारी बाघिन टी-122 को इसी साल जनवरी के दूसरे सप्ताह में वनकर्मियों ने गर्भवती देखा था, जिसके बाद अब 22 फरवरी को बाघिन चार शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में कैद हुई। इससे वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है।
नए नन्हे मेहमानों के कैमरा ट्रैप में कैद होने के बाद रणथंभौर में एक बार फिर से बाघ-बाघिनों का कुनबा बढ़ गया है। अभी यह आंकड़ा बढ़कर 82 पर पहुंच गया है। वर्तमान में रणथम्भौर में 24 बाघ, 25 बाघिन और 32 शावक हैं।
Published on:
24 Feb 2025 11:27 am
