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Ranthambore: बाघिन की तलाश में फिर पुरानी टेरेटरी में पहुंचा बाघ T-2407, वन विभाग ने शुरू की मॉनिटरिंग

Ranthambore Tiger Project: रणथम्भौर बाघ परियोजना का बाघ टी-2407 एक बार फिर अपनी पुरानी टेरेटरी में लौट आया है। यह बाघिन सुल्ताना (टी-107) की संतान है।

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अमरेश्वर वन क्षेत्र में विचरण करता बाघ। पत्रिका फाइल फोटो

सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर बाघ परियोजना का बाघ टी-2407 एक बार फिर अपनी पुरानी टेरेटरी में लौट आया है। यह बाघिन सुल्ताना (टी-107) की संतान है। हाल ही में यह बाघ खण्डार रेंज से निकलकर रणथम्भौर की आरओपीटी रेंज के अमरेश्वर वन क्षेत्र में पहुंच गया है। वन विभाग ने एहतियातन इसकी लगातार मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।

पूर्व में भी टी-2407 का विचरण आरओपीटी रेंज में ही रहता था, लेकिन गत दिनों यह जंगल से बाहर निकलकर रणथम्भौर रोड स्थित एक होटल के पास पहुंच गया था। उस समय वन विभाग की टीम ने मशक्कत के बाद इसे ट्रैंकुलाइज कर खण्डार रेंज में शिफ्ट किया था। कुछ समय तक इसका मूवमेंट वहीं रहा, लेकिन अब यह फिर से अमरेश्वर क्षेत्र की ओर लौट आया है।

कई बार बाघिन टी-2510 के साथ विचरण करते देखा गया

वन विभाग के अनुसार, टी-2407 को कई बार बाघिन टी-2510 के साथ विचरण करते देखा गया है। दोनों के बीच पूर्व में मैटिंग भी हुई है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बाघिन की तलाश में ही यह बाघ पुराने इलाके की ओर वापस आया है।

इनका कहना है

बाघ टी-2407 का मूवमेंट आरओपीटी रेंज में दर्ज किया गया है। विभाग की ओर से इसकी ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति पर समय रहते नियंत्रण किया जा सके।
-मानस सिंह, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।