
प्रतीकात्मक तस्वीर-पत्रिका
सवाईमाधोपुर। पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए डेढ़ साल से फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी बदमाश को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि आरोपी राजेश मीणा उर्फ भूत पुत्र धर्म सिंह मीणा निवासी खण्डीप थाना वजीरपुर है। आरोपी सवाईमाधोपुर और करौली जिलों में दर्जनों गंभीर मामलों में वांछित था।
अहमदाबाद से गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि फरारी के दौरान वह आर्थिक रूप से टूट गया था। कपड़े और मवेशी चोरी कर खर्च चलाता था। पुलिस से बचने के लिए कई बार हुलिया बदलता, फटे कपड़े पहनता और रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगता था। कभी सोशल मीडिया पर पुराने फोटो और वीडियो डालकर गुमराह करता, तो कभी नकली पहचान पत्र बनवा कर होटल में ठहरता था।
राजेश मीणा पर सवाई माधोपुर और करौली पुलिस की ओर से कुल 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था। वह फायरिंग, अपहरण, फिरौती मांगने और हथियार उपलब्ध कराने जैसे संगीन अपराधों में शामिल रहा है। थाना पीलोदा में नेहरू मीणा पर फायरिंग, थाना कुण्डगांव करौली में गोविन्द मीणा पर जानलेवा हमला, थाना बालघाट में अमित मीणा का अपहरण कर फिरौती मांगना और गंगापुर सिटी में बदमाश कृष्णा बांसरोटा को हथियार उपलब्ध कराना उसकी प्रमुख वारदातें रही हैं। इसके अलावा जयपुर, करौली, दौसा और गंगापुर में दर्जनों मामलों में न्यायालय से वारंट जारी थे।
थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित विशेष टीम को सूचना मिली कि राजेश अहमदाबाद में रिश्तेदार के पास छिपा है। टीम ने कई दिनों तक निगरानी रखी और उसे जूस के ठेले पर काम करते हुए पहचान कर दबोच लिया। फरारी के दौरान राजेश कई बार पुलिस को चकमा देकर बच निकला। भरतपुर भुसावर, दिल्ली महरौली और महुआ दौसा इलाके में दबिश के दौरान वह छत कूदकर भाग गया था।
बदमाश राजेश दो फायरिंग एवं तीन वारदातों के अलावा एक दर्जन मामले में फरार चल रहा था। उसने राहुल मीणा के नाम से मतदाता पहचान पत्र भी बनवा रखा था। कभी सोशल मीडिया पर लग्जरी गाड़ियों और महंगे शौक की तस्वीरें डालने वाला राजेश फरारी में एक-एक पैसे के लिए मोहताज हो गया था। पुलिस से बचने के लिए उसने अपनी थार जीप का नम्बर बदलकर रिश्तेदार को दे दिया था। वारदातों में काम लिए गए हथियारों की खरीद फरोख्त व फरारी के दौरान किए अपराधों के संबंध में पूछताछ जारी है। कार्रवाई में एएसआई अजीत मोगा, एएसआई लक्ष्मण सिंह, हैड कांस्टेबल संजय कुमार, कांस्टेबल बुद्धिप्रकाश, केदार प्रसाद और विजय सिंह की अहम भूमिका रही।
Updated on:
26 Dec 2025 12:10 pm
Published on:
26 Dec 2025 12:10 pm
