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अब सीमेंट और मौरंग से नहीं बल्कि प्लास्टिक के बनेंगे घर, कम हो जाएगा घर बनाने का खर्च

लेकिन अब इस प्लास्टिक कचरे को दुबारा से इस्तेमाल करने का एक नया तरीका वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला है।
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Vineet Singh

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Updated: 27 Sep 2018, 3:15 PM IST

plastic house

अब सीमेंट और मौरंग से नहीं बल्कि प्लास्टिक के बनेंगे घर, कम हो जाएगा घर बनाने का खर्च

नई दिल्ली: दुनियाभर में कचरे की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है, दरअसल कचरे में भारी मात्रा में प्लास्टिक होता है जिसे ख़त्म नहीं किया जा सकता है। बता दें कि प्लास्टिक कचरा हमारे पर्यावण के लिए बेहद ही खतरनाक है। भारत भी प्लास्टिक कचरे की समस्या से जूझ रहा है। लेकिन अब इस प्लास्टिक कचरे को दुबारा से इस्तेमाल करने का एक नया तरीका वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला है।

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दरअसल ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ और भारत में गोवा इंजिनियरिंग कॉलेज के संयुक्त शोध में ये पाया गया है कि कंक्रीट में 10 प्रतिशत तक बालू की जगह प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर इस तकनीक को कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल किया जाए तो इससे कंस्ट्रक्शन का खर्च काफी कम हो जाएगा और लोगों का काफी खर्च बचेगा।

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आपको बता दें कि प्लास्टिक को बालू की तरह इस्तेमाल किया जाए तो यह ठीक तरह से काम नहीं करता है लकिन अगर आंशिक रूप से इसे इस्तेमाल किया जाए तो यह अच्छी तरह से काम करते हैं और सही से चिपकते हैं। ऐसे में ये बालू की जरुरत को भी पूरा करते हैं और साथ ही ये प्लास्टिक कचरे का निपटारा भी करते हैं जिससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता है।

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अगर ये तकनीक भारत में इस्तेमाल की जाने लगे तो इससे भारत में प्लास्टिक कचरे की समस्या से निजात पाई जा सकती है साथ ही में यह पर्यावरण को बचाने की दृष्टि से भी एक बड़ा कदम साबित होगा। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द प्लास्टिक से भी घर बनने लगेंगे।